नईदुनिया प्रतिनिधि, बोड़ा। रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व पर जहां घर-घर खुशियां और भाई-बहन के प्रेम का उत्सव मनाया जा रहा था, वहीं बोड़ा नगर के कई वार्डों में लोगों के घरों में नलों से पीले रंग का गंदा और बदबूदार पानी पहुंचा।
पानी देखकर रहवासी परेशान हो गए और कई परिवारों को नल का पानी छोड़कर हैंडपंप से पानी लाकर पीने के लिए मजबूर होना पड़ा।
घरों से पानी के सैंपल लिए गए
मामले के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जल आपूर्ति विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नागरिकों के घरों से पानी के सैंपल लिए गए। नगर के वार्ड क्रमांक 15, 11 एवं 05 सहित मेन मार्केट क्षेत्र के रहवासियों ने नलों से गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी आने की शिकायत की है।
रहवासियों का कहना है कि पानी देखने में पीला है और उसमें से बदबू भी आ रही है। ऐसे में इस पानी का उपयोग पीने के लिए करना स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता का विषय बना हुआ है।
शिकायत के बाद घर-घर पहुंची टीम, नागरिकों से हुई बहस
गंदे पानी की शिकायत के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जल आपूर्ति विभाग के श्याम यादव एवं पवन सिसौदिया करीब दोपहर 1 बजे टीम के साथ मेन मार्केट में पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों और कुछ नागरिकों के बीच गंदे पानी को लेकर बहस भी हुई।
नागरिकों के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि गंदा पानी उनके घरों में ही आ रहा होगा, जबकि नागरिकों ने इसका विरोध करते हुए बताया कि पूरे क्षेत्र में नलों से गंदा एवं बदबूदार पानी आ रहा है।
मेन मार्केट क्षेत्र के पप्पू वर्मा, मांगीलाल, जयवर्धन, विशाल एवं सचिन सहित अन्य नागरिकों ने अधिकारियों के सामने नलों से गंदा पानी आने की बात कही। इसके बाद टीम द्वारा नागरिकों के घरों से पानी के सैंपल भी लिए गए।
रहवासियों ने बताई पानी की समस्या
स्थानीय निवासी विशाल राठौर ने बताया कि पिछले दिन नल से भरा गया पानी पीले रंग का था और उसमें से बदबू आ रही थी। ऐसे पानी के इस्तेमाल को लेकर परिवार के लोगों में स्वास्थ्य संबंधी चिंता बनी हुई है। वार्ड क्रमांक 05 निवासी जयवर्धन सिंह ने बताया कि बोड़ा फिल्टर प्लांट से सप्लाई होने वाला पानी भी गंदा आ रहा है।
पानी में दुर्गंध होने के कारण इसे पीने योग्य मानना मुश्किल है। उन्होंने पानी की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराने की मांग की। मांगीलाल वर्मा ने बताया कि नगर में लगाए गए नए नीले नलों से भी गंदा पानी आ रहा है।
नल का पानी पीने योग्य नहीं होने के कारण उन्हें हैंडपंप से पानी लाकर पीना पड़ रहा है। वहीं रोहित मालवीय ने भी नल से गंदा एवं बदबूदार पानी आने की शिकायत करते हुए समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
14 करोड़ से अधिक की योजना, फिर भी शुद्ध पानी का इंतजार
बोड़ा नगर में नल जल योजना के तहत रियान वाटर टेक मध्य प्रदेश अर्बन कंपनी, भोपाल को करीब 14 करोड़ 19 लाख 93 हजार 990 रुपये की लागत से कार्य दिया गया था। योजना का उद्देश्य कुंवर चौनसागर बांधध्कुंवर कोटरी से पानी लेकर बोड़ा के वार्ड क्रमांक 01 से 15 तक पाइपलाइन के माध्यम से फिल्टर प्लांट से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना था।
जानकारी के अनुसार कंपनी ने कार्य 4 अगस्त 2017 से प्रारंभ किया था। योजना के तहत नगरवासियों को 24 घंटे जल आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन वर्तमान में नगर में कई स्थानों पर एक दिन छोड़कर लगभग 25 मिनट ही पानी की सप्लाई की जा रही है।
न मीटर, न टोटियां, कई काम अधूरे
रहवासियों का आरोप है कि नल जल योजना के तहत लगाए गए कई नल कनेक्शनों में अभी तक मीटर और टोटियां तक नहीं लगाई गई हैं, जिससे योजना के अधूरे कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं फिल्टर प्लांट को लेकर भी अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं।
नागरिकों का कहना है कि फिल्टर प्लांट पर कैमरे तक नहीं लगे हैं, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
अब पानी की जांच रिपोर्ट का इंतजार
रहवासियों ने शासन-प्रशासन एवं नगर परिषद से मांग की है कि नलों से सप्लाई हो रहे पानी की तत्काल वैज्ञानिक जांच कराई जाए और पानी दूषित पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही नल जल योजना के अधूरे कार्यों को पूरा कर नगरवासियों को नियमित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। अब नागरिकों की नजर पानी के लिए लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट और विभाग की आगामी कार्रवाई पर है।
सड़कें भी खोदाई के बाद बदहाल
योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए नगर की कई सड़कों को खोदा गया था। रहवासियों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के बाद कई स्थानों पर सड़कें व्यवस्थित तरीके से दुरुस्त नहीं की गईं, जिसके चलते सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पानी पीला और बदबू की शिकायत मिली है। इसे दिखवा रहे हैं। जांच कर सुधार करवा देते हैं।
- अभिषेक जैन, सीएमओ, नगर परिषद बोड़ा