
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। सांवलिया रूंडी स्थित पैराडाइज वैली में रविवार दोपहर हादसे से महज कुछ मिनट पहले तक सब कुछ सामान्य था। दोपहर 1:41 बजे स्नैपचैट पर आए 43 सेकंड के वीडियोमें 16 वर्षीय विशाल भाभर पानी में तैरता नजर आ रहा है। पीछे स्कूल के बच्चे भी पानी में खेलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो खत्म होते ही हालात बदल गए और कुछ ही देर में चीख-पुकार मच गई।
विशाल ने अपनी मां अनीता से कहा- बच्चे डूब रहे हैं, बचाने जाऊं? मां के हां कहते ही वह बिना देर किए बच्चों की ओर पहुंच गया। विशाल सांदीपनि विनोबा स्कूल में कक्षा 10वीं का छात्र है। उसने पानी में उतरकर पहले एक बच्ची को बाहर निकाला। इसके बाद वह दोबारा पानी में गया और एक अन्य बच्ची तथा छोटे बच्चे को भी बाहर लेकर आया।
मालूम हो कि जावरा के त्रिमूर्ति कान्वेंट स्कूल की पिकनिक के दौरान हुए हादसे में संगीत शिक्षक 22 वर्षीय प्रिंस पुत्र तेजकरण मोदी, तिलक नगर निवासी 42 वर्षीय शिक्षक विजय सिंह पुत्र गुरुचंद्र राठौर और ग्राम ऊपरवाड़ा निवासी कक्षा सातवीं के 12 वर्षीय छात्र हर्षित पुत्र समरथ पाटीदार की डूबने से मौत हो गई थी।
निजी अस्पताल में नर्स अनीता ने बताया कि विशाल के बच्चों को बाहर निकालने के बाद वहां मौजूद विद्यार्थियों ने बताया कि उनके शिक्षक और अन्य विद्यार्थी अभी पानी में हैं। इसके बाद आसपास के ग्रामीण और अन्य लोग भी पानी में उतरकर तलाश में जुट गए। इसी दौरान अनीता ने अपनी हरे रंग की साड़ी उतारकर लोगों को दे दी। साड़ी को सहारे के रूप में इस्तेमाल कर पानी में मौजूद लोगों को बाहर खींचा गया।
कुछ लोग साड़ी लेकर पानी के अंदर जाते और बाहर खड़े लोग उसे खींचकर वापस लाते। आखिरी बच्चे की तलाश में भी काफी समय लगा। उसे बाहर निकालने के बाद कंधे पर उठाकर बाहर लाया गया। लोगों ने मौके पर सीपीआर देकर जान बचाने का प्रयास किया। इसके बाद किसी को आटो, किसी को स्कूल बस और बाद में एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
अनीता पहली बार पैराडाइज वैली गई थी। पहले जामण जाने की योजना थी, लेकिन बच्चो की जिद पर वैली पहुंचे थे। विशाल के अलावा 12 वर्षीय बेटी रौनक व भतिजा 10 वर्षीय दिव्यांश स्कूटी से पहुंचे थे। घटना के समय रौनक वीडियो बना रही थी। पानी का एक हिस्सा उथला दिखाई देता है, जबकि कुछ दूरी पर अचानक गहराई बढ़ जाती है। इसी कारण गहरे पानी का अंदाजा नहीं हो पाया और कुछ ही मिनट में स्थिति बदल गई।
विशाल ने तैरना गांव के कुएं, नदी और नालों में सीखा था। सभी को बाहर निकालने के बाद वह अपने बच्चों के साथ सबसे अंत में मौके से निकलीं। साड़ी देने के बाद अनीता ने बेटे का टीशर्ट पहन लिया था। उसी साड़ी में मृतक विजय को उपर ले जाया गया। बाद में बेटा साड़ी लेकर आया और वहीं फटी हुई साड़ी लपेट कर अनीता घर पहुंची।
पैराडाइज वैली में हादसों का सिलसिला नया नहीं है। अगस्त 2025 में आठ दोस्तों के साथ नहाने गए 17 वर्षीय फैजान पुत्र अनवर खान की डूबने से मौत हुई थी। सितंबर 2022 में भी यहां हादसे में दो किशोरों की मौत हुई थी। इसके बावजूद सुरक्षा इंतजाम सवालों में हैं। 27 जुलाई को नईदुनिया की पड़ताल में सामने आया था कि कलेक्टर के निर्देश के बाद भी घटनास्थल पर न सुरक्षा बोर्ड लगे, न गार्ड और न रेस्क्यू टीम तैनात हुई।
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शहर से करीब 11 किमी दूर पहाड़ियों और गहरी खाइयों के बीच बहती जामण नदी बारिश में आकर्षण बनती है। इंटरनेट मीडिया रील्स से भीड़ बढ़ी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पीछे छूट गई। रविवार को हुए हादसे के बाद करीब एक घंटे तक सहायता नहीं पहुंच सकी थी। 27 जुलाई को नईदुनिया की पड़ताल में सामने आया था कि कलेक्टर के निर्देश के बाद भी घटनास्थल पर न सुरक्षा बोर्ड लगाए गए थे, न गार्ड और न ही रेस्क्यू टीम तैनात थी।