
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। खेत में रखी जलाऊ लकड़ी बेचने के मामले में केस बनाने की धमकी देकर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने वाले डिप्टी रेंजर को लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने शुक्रवार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपित ने आवेदक के निवेदन पर 65 हजार रुपये लेने की सहमति दी थी। लोकायुक्त टीम की कार्रवाई देर तक जारी रही।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार ग्राम शक्करखेड़ी, तहसील पिपलोदा जिला रतलाम निवासी रहीश खां पुत्र अमीर शाह ने 29 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन को लिखित शिकायत की थी। इसमें बताया था कि उसने अपने खेत में रखी जलाऊ लकड़ी अशफाक खां को बेची थी। इस संबंध में उप वन मंडल जावरा में पदस्थ डिप्टी रेंजर कमल सिंह देवड़ा उसे केस बनाने की धमकी देकर दो लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है। आवेदक के निवेदन पर आरोपित 65 हजार रुपये लेने के लिए सहमत हो गया था।
शिकायत की सत्यता की जांच उप पुलिस अधीक्षक दिनेशचंद्र पटेल ने की। रिश्वत मांगने संबंधी बातचीत का सत्यापन करने के बाद गुरुवार 30 अक्टूबर को ट्रैप दल गठित किया गया। टीम ने आवेदक से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते ही डिप्टी रेंजर कमल सिंह देवड़ा को पकड़ लिया। आरोपित उप वन मंडल जावरा, जिला रतलाम में पदस्थ है। उसके विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त की कार्रवाई पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन, डीआइजी मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व और पुलिस अधीक्षक उज्जैन विनोद कुमार दीक्षित के निर्देश पर की गई। ट्रैप दल में डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल, निरीक्षक हिना डाबर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत तथा आरक्षक शिवकुमार शर्मा, श्याम शर्मा, मोहम्मद इसरार और उमेश जाटव सहित 10 सदस्य शामिल रहे।
लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि कोई भी लोकसेवक या शासकीय अधिकारी-कर्मचारी किसी सरकारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत लोकायुक्त उज्जैन के शासकीय दूरभाष नंबर 0734-2512756 पर की जा सकती है।