
गांव में उल्टी-दस्त से प्रभावित होने वाले तीन भाइयों के परिवार की एक सदस्य मंसुबाई पति कैलाश भाभर की उल्टी दस्त से मौत हो गई, वहीं पांच महिलाएं व नौ बच्चे बीमार हो गए। जानकारी के अनुसार पच्चीस-तीस टापरों का छोटा-सा गांव गुरुवार को गम में डूबा रहा। गांव में तीन हैंडपंप हैं, लेकिन पास-पास मकान बनाकर रह रहे तीन भाई कैलाश, तौलाराम व पीरचंद्र पिता नाथू भाभर के घर के सभी सदस्य सामने थोड़ी दूरी पर स्थित हैंडपंप का पानी उपयोग करते हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि हैंडपंप का पानी पीने के बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी।
तीन दिन से बीमार
तीनों भाइयों के परिवार की महिलाएं, बच्चे व ग्राम जूनाफनी से आई एक मेहमान सविता पति छगनलाल को मंगलवार शाम से ही उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी थी। पहले घर का इलाज और बाद में ग्राम सकरावदा में एक निजी चिकित्सक से उपचार कराया।
गुरुवार को दी सूचना
ग्राम के एक युवक ने सैलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेष डांगे को सूचना दी। तब तक एक महिला मंसुबाई की मौत हो चुकी थी। खबर मिलते ही रतलाम से डॉक्टरों का एक दल एसडीएम केसी जैन, तहसीलदार मुनीषकुमार सिकरवार, डॉ. शैलेष डांगे ने सुबह गांव में पहुंचकर बीमारों का उपचार शुरू किया।
ये हुए बीमार
दूषित पानी पीने के बाद उल्टी-दस्त का शिकार दरियाबाई पति तौलाराम (35), मीराबाई पति पूनमचंद्र (28), सीमा पति पीरूलाल (23), सविता पति छगनलाल (26), गवराबाई पति नागेश्वर (28) का उपचार शुरू कर दिया है। इनमें सविता ग्राम जूनापानी की हैं। बच्चों में संजू पिता कैलाश (10), रीना पिता कैलाश(9), मुकेश पिता नागेश्वर (8), दिनेश पिता कालूसिंह (11), सुभाष पिता नागेश्वर (12), विक्रम पिता शांतिलाल (8), अमित पिता कैलाश (2) व पूजा पिता कैलाश (4) सभी निवासी नटवरपुरा हैं। डॉ. डांगे के अनुसार सभी बीमार खतरे से बाहर हैं। एक-दो दिन भी सभी स्वस्थ्य हो जाएंगे।
ग्रामीणों को दी समझाइश
सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा के नेतृत्व में जिला अस्पताल से आए डॉ. जीआर गौर, डॉ. जीवन चौहान, डॉ. गोवर्धनलाल पाटीदार, डॉ. हरिकिशन गेहलोत ने ग्राम के स्कूल भवन में ग्रामीणों को एकत्रित कर साफ-सफाई व बीमार होते ही तुरंत सरकारी अस्पताल में उपचार कराने की सलाह दी।
पीएम रिपोर्ट से चलेगा कारणों का पता
अभी तक बीमार होने के सही कारणों का पता नहीं चल सका है। एसडीएम केसी जैन का कहना है कि मृतका का पोस्टमार्टम कराया गया है। सागर से रिपोर्ट आने पर ही असली कारण सामने आएंगे। गांव के सभी हैंडपंपों का पानी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। स्थिति नियंत्रण में है।
बीमारी का प्रकोप नहीं
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेष डांगे का कहना है कि स्थिति ठीक है। कोई बड़ी बीमारी का प्रकोप नहीं है। स्वास्थ्य अमला सजग है। मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट व हैंडपंपों के पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कारणों का पता चल सकेगा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री संतोष साल्वे ने कहा कि हैंडपंप के पानी के खराब होने की आशंका कम है। सैंपल लिए गए हैं जिनकी जांच रिपोर्ट शुक्रवार को कलेक्टर को सौंपी जाएगी। -निप्र