
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। तीन वर्ष पुराने हत्या के मामले में न्यायालय ने दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। न्यायालय ने मृतिका के परिवार को अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत प्रतिकर देने की अनुशंसा भी की है। मामले में आठ वर्षीय बालक ने अपने पिता के खिलाफ गवाही दी, जो महत्वपूर्ण साबित हुई।
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने बताया कि घटना 7 मार्च 2023 की है। 32 वर्षीय मानसिंह पुत्र राजू निनामा निवासी ग्राम पथवारी ने अपनी पत्नी की पत्थर मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय मानसिंह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ घर पर था।
पति-पत्नी के बीच विवाद होने पर पति ने पत्नी के सिर पर पत्थर से वार किया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। मामले में मृतिका के 8 वर्षीय पुत्र की गवाही महत्वपूर्ण साबित हुई। न्यायालय में उसने बताया कि घटना के समय वह, उसका छोटा भाई और माता-पिता घर पर थे।
उसका छोटा भाई और माता सो रहे थे, जबकि वह जाग रहा था। उसी दौरान उसके पिता ने मां के सिर पर पत्थर से हमला किया। बाद में मौके से फरार हो गया। सुबह उठने पर उसने अपनी मां को मृत पाया और दादा को इसकी सूचना दी।
अभियोजन द्वारा न्यायालय में कुल आठ गवाह प्रस्तुत किए गए। घटना में प्रयुक्त पत्थर पर मानव रक्त पाया गया, जिसे साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। प्रकरण की सुनवाई के बाद तृतीय जिला न्यायाधीश बरखा दिनकर ने मानसिंह को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
न्यायालय ने मध्य प्रदेश अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना 2015 के तहत मृतिका के बच्चों को प्रतिकर राशि प्रदान करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम को अनुशंसा की है, ताकि उन्हें बेहतर जीवन के लिए सहायता मिल सके।