
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। रतलाम शहर के दिलीप नगर (वार्ड क्रमांक-28) में जर्जर सड़कों और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी से नाराज रहवासियों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। क्षेत्रवासियों ने ढोल बजाकर नगर निगम के कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया और सड़क के बीच बने गड्ढों में बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
रहवासियों ने कहा कि अर्जुन नगर और आसपास की सड़कें लंबे समय से गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। बरसात में हालात और बदतर हो जाते हैं। दोपहिया वाहन फंस जाते हैं और आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।
स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है, लेकिन शिकायतों के बावजूद निगम और प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने क्षेत्र में प्लास्टिक, कबाड़ तथा दोना-पत्तल बनाने वाली इकाइयों द्वारा सड़क पर किए गए अतिक्रमण, नियमित सफाई नहीं होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि बारिश के दौरान कई घरों में पानी भर जाता है।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पार्षद प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता रमेश पांचाल मौके पर पहुंचे, लेकिन रहवासियों ने उनकी बात नहीं सुनी। बाद में वे खुद भी धरने पर बैठ गए।
सालाखेड़ी पुलिस चौकी से पुलिस बल पहुंचा और लोगों को समझाने का प्रयास किया। संबंधित अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। रहवासियों ने बताया कि क्षेत्र में संजीवनी क्लिनिक भवन बने करीब चार वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज तक शुरू नहीं किया गया।
इसके कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निजी मकान में किराए से संचालित हो रहा है। लोगों का आरोप था कि महापौर प्रहलाद पटेल सहित जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर सड़क मरम्मत और अन्य सुधार कार्य धरातल पर शुरू नहीं हुए तो चक्का जाम किया जाएगा और नगर निगम का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में विक्की प्रजापत, यूसुफ मंसूरी, तय्यब चाचा, राजू भाई, अकरम भाई, संतोष भाई, रफीक, मुबारिक थावर, सोहेब, चतुर्भुज, पवन राव, बाबू खान, ताहिर सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।