
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। शिवगढ़ में शराब दुकान पर सेल्समैन और मैनेजर के साथ मारपीट व लूट के मामले में विभाग के आरक्षक की भूमिका सामने आने पर एसपी अमित कुमार ने कार्रवाई की है। शिवगढ़ थाने पर पदस्थ आरक्षक बिल्लर सिंह को भी प्रकरण में आरोपित बनाकर हिरासत में लिया गया है। कुल छह आरोपितों को गिरफ्तार कर तीन बाइक जब्त की गई हैं। सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। फरार अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।
मालूम हो कि 23 अक्टूबर की रात करीब 9:20 से 9:30 बजे के बीच शिवगढ़ बस स्टैंड स्थित कंपोजिट शराब दुकान पर यह घटना हुई थी। आरोपितों ने दुकान में घुसकर सेल्समैन सुशील तिवारी और प्रबंधक 33 वर्षीय धर्मेंद्र पुत्र मोतीलाल जाट निवासी पंथ पिपलाई इंदौर रोड जिला उज्जैन के साथ गेती के हत्थे, सीमेंट के टुकड़ों, शराब की बोतल और लात-घूंसों से मारपीट की थी। दुकान में तोड़फोड़ करने के साथ मोबाइल भी ले गए थे। घटना में सुशील तिवारी के सिर में 13 टांके आए थे और हाथ में फ्रैक्चर हुआ था।
एसपी अमित कुमार ने घटना के बाद एएसपी राकेश पंद्रो और एसडीओपी किशोर पाटनवाला के नेतृत्व में टीम गठित की। जांच में सामने आया कि वारदात से पहले आरक्षक बिल्लर सिंह रतलाम के दीनदयाल नगर क्षेत्र के कुछ लोगों के साथ शिवगढ़ में एक परिचित के घर पर शराब पी रहा था। उस समय उसकी ड्यूटी गढ़खंखाई माताजी मंदिर पर थी।
शराब के रुपये देने को लेकर हुई बात के बाद सेल्समैन को सबक सिखाने की योजना बनी थी। आरक्षक वारदात के समय दुकान पर मौजूद नहीं था, लेकिन योजना से जुड़ी बातचीत में उसकी भूमिका सामने आने पर उसे भी षड्यंत्र के आरोप में प्रकरण में शामिल कर गिरफ्तार किया गया। आरक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
पुलिस ने मदीना मस्जिद के पास हाट रोड निवासी 24 वर्षीय जय पुत्र शरद खरे, राजेंद्र नगर निवासी 33 वर्षीय नानू उर्फ अनिल पुत्र सोहन देवदा, दीनदयाल नगर निवासी 32 वर्षीय कार्तिक उर्फ ओमप्रकाश पुत्र जगदीश मौर्य, सुभाष नगर निवासी 25 वर्षीय पीयूष उर्फ पुष्पेंद्र पुत्र आम्बालाल रोजे, बजरंग नगर निवासी 21 वर्षीय बल्लू उर्फ प्रताप पुत्र सोहनसिंह राजपूत और रुद्राक्ष कॉलोनी रत्नेश्वर रोड निवासी 24 वर्षीय हर्ष उर्फ हर्षवर्धन पुत्र पर्वत कुमार हाड़े को गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी लिलियन मालवीय, एसआई अजमेरसिंह भूरिया, आईएम खान, प्रधान आरक्षक दिलीप शर्मा, विजय मंडलोई, विक्रमसिंह घोसरे, हेमंत कुमार लिम्बोदिया, आरक्षक मनीष खराड़ी, रावजी गणावा, नरवरसिंह मईड़ा, जितेंद्र प्रसाद, रमेश सोलंकी, विक्रमसिंह भूरिया, शैतान खड़िया, घनश्याम दड़िंग, महिला आरक्षक रेणु डावर, सावित्री मकवाने, आरक्षक राजेश और चालक विकास की भूमिका रही।
मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। जांच में आरक्षक की भूमिका सामने आने पर उसे भी आरोपित बनाकर हिरासत में लिया गया है। कानून से ऊपर कोई नहीं है। पुलिसकर्मी की संलिप्तता के संबंध में विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी। - अमित कुमार, एसपी