
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (एटलेन) पर लगातार हो रही पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए सोमवार दोपहर करीब 04 बजे रतलाम और झाबुआ पुलिस के अधिकारियों ने बॉर्डर मीटिंग की। इसमें दोनों जिलों की पुलिस संयुक्त पेट्रोलिंग करने, चिह्नित हॉटस्पॉट पर सशस्त्र बल और पेट्रोलिंग वाहन तैनात करने तथा थर्मल ड्रोन से निगरानी करने सहित कई निर्णय लिए गए।
मीटिंग में रतलाम एसपी अमित कुमार, झाबुआ एसपी देवेंद्र पाटीदार, सैलाना एसडीओपी लेखराज मीणा, थांदला एसडीओपी राजेश सूलिया समेत अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने माही नदी पुल के आसपास के उस हिस्से पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया, जहां पिछले छह महीनों में पत्थरबाजी की दो-तीन घटनाएं सामने आई हैं।
सैलाना एसडीओपी लेखराज मीणा ने बताया कि रतलाम और झाबुआ पुलिस संयुक्त टीम बनाकर पेट्रोलिंग करेगी। उनके साथ थांदला एसडीओपी राजेश सूलिया टीम की निगरानी और सुपरविजन करेंगे। चिह्नित हॉटस्पॉट पर दोनों जिलों की ओर से एक-एक पेट्रोलिंग वाहन और एक-चार का सशस्त्र पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
माही नदी पुल के आसपास करीब 10 से 15 किलोमीटर के बेल्ट को विशेष निगरानी क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस के थर्मल ड्रोन से भी इस क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी। माही नदी पुल पार करने के करीब आधा किलोमीटर बाद झाबुआ की ओर स्थित रेस्ट एरिया में पुलिस सेवा केंद्र शुरू करने के लिए प्रस्ताव आगे भेजा जाएगा।
बैठक में एनएचएआई को निर्देश दिए गए कि एक्सप्रेस-वे के संबंधित हिस्से में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच कर उन्हें चालू हालत में रखा जाए। एनएचएआई के पेट्रोलिंग वाहन शाम 7 बजे से रात 2 बजे तक नियमित रूप से पेट्रोलिंग करें।
दोनों जिलों के पुलिस अधिकारियों और एनएचएआई के अधिकारियों का व्हाट्सएप पर एक ग्रुप बनाया गया है। इसमें मार्ग से संबंधित सूचनाएं साझा की जाएंगी, ताकि किसी घटना या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
मार्ग पर कोई संदिग्ध व्यक्ति मिलता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। आने वाले एक-दो दिनों में आसपास के गांवों और घरों के लोगों से जनसंवाद भी किया जाएगा। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटाई जाकर कार्रवाई की जाएगी।