रतलाम। निर्वाण की दशा परिणामों से ही होगी। आज साक्षात तीर्थंकर नहीं होते हुए भी उनके बताए मार्ग पर चलकर ही निर्वाण प्राप्त होगा। संसार के बाहर निकलने का मार्ग तो बता सकते हैं, लेकिन चलना तो आपको ही है। हमारे आराध्य पूज्य नवदेवता पंच परमेष्ठी ही हमारे उपकारी है। केवल ज्ञान की प्राप्ति उनके बताए मार्ग पर चलने से ही होगी। निर्वाण तभी प्राप्त होगा, जब परिणामों की दशा एक जैसी होगी।
यह बात श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर स्टेशन रोड पर धर्मसभा में मंगलाष्टक पर आधारित प्रवचन में आचार्य विशुद्ध सागर जी के तपस्वी रत्न मुनि आराध्य सागर जी ने कही। धर्मसभा के पूर्व समाज प्रमुख ओम अग्रवाल, डा. निर्मल जैन, अजय बाकीवाला, डा. राजेश पाटनी ने दीप प्रज्ज्वलित कर धर्मसभा की शुरुआत की। श्रावक संघ के भूपेंद्र मोठिया, दिलीप जैन, अनुराग जैन, कमल पापरीवल, कपिल जैन, अनिता जैन, रचना जैन, उपासना जैन, नेहा अग्रवाल, प्रतिभा पाटनी, दिनेश जैन ने मुनिश्री को शास्त्र भेंट किए। दिनेश जैन, रजत बड़जात्या, सोमू जैन, अविरल मोठिया, अभिषेक जैन, अमन जैन, अंस पापरीवाल ने श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन श्रावक संघ के संयोजक मांगीलाल जैन ने बताया कि प्रतिदिन प्रातः नौ से दस बजे तक मुनि आराध्य सागर जी व मुनि साध्य सागर जी के प्रवचन हो रहे हैं। पिछले दस दिनों तक मंगलाष्टक पर आधारित मंगल प्रवचन के बाद 11 जनवरी से सिद्ध भक्ति पर आधारित मुनि आराध्य सागर जी के अमृतमयी देशना के प्रवचन की शुरुआत हुई। दस दिनों तक प्रतिदिन प्रवचन होंगे।
हर्ष कोठारी ने पूर्ण की 99 यात्रा
बाजना। गच्छाधिपति अजीत यश सूरीश्वर जी की निश्रा में ग्राम के हर्ष दीपक कोठारी ने 99 यात्रा पूर्ण करते हुए 117 यात्रा पूर्ण की। संपूर्ण यात्रा गुरुदेव के आशीर्वाद से चोविहार छठ करते हुए सात यात्रा व अट्टम करते हुए 11 यात्रा पूर्ण की। बाजना श्रीसंघ व परिवारजनों के साथ विमल कोठारी, हरेंद्र कोठारी ने शत्रुंजय तीर्थ पालीताणा पहुंचकर तपस्वी की अनुमोदना की। पालीताणा में सेठ महेंद्रकुमार पोपटलाल वेणीचंद मेहता परिवार अहमदाबाद (गुजरात) ने गुरुदेव की उपस्थिति में तपस्वियों का बहुमान किया। जैन समाज में नवाणु यात्रा का बहुत महत्व है। यह यात्रा स्वयं के आत्मकल्याण के लिए की जाती है। नवाणु यात्रा पूर्ण करने पर मोक्ष धाम की प्राप्ति होती है। हर्ष कोठारी की सिद्ध गिरिराज की नवाणु यात्रा पूर्ण होने पर मंगलवार को चौबीसी का आयोजन उपाश्रय में किया गया।
दीक्षार्थी रिदम का बहुमान
आलोट। दीक्षार्थी रिदम कोचर का पार्श्व महिला व नवरत्न महिला मंडल द्वारा तपागच्छ उपाश्रय में बहुमान किया गया। बलवंत राय जैन मारवाड़ी के निवास पर दीक्षार्थी के अनुमोदनार्थ चौबीसी का आयोजन कर दीक्षार्थी रिदम कोचर का बहुमान किया गया।