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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मध्य प्रदेश के रतलाम में गांव सुराना के डरे-सहमे हिंदुओं ने कहा- प्रशासन मुस्लिमों से बचाए वरना तीन दिन में छोड़ देंगे गांव

रतलाम कलेक्टर इस मामले में बुधवार को सुबह 11 बजे गांव का दौरा करने पहुंचेंगे।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 18 Jan 2022 03:19:21 PM (IST)Updated Date: Wed, 19 Jan 2022 09:28:18 AM (IST)
मध्य प्रदेश के रतलाम में गांव सुराना के डरे-सहमे हिंदुओं ने कहा- प्रशासन मुस्लिमों से बचाए वरना तीन दिन में छोड़ देंगे गांव

रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिस तरह उत्तर प्रदेश का कैराना क्षेत्र मुस्लिम समुदाय की प्रताड़ना के कारण हिंदुओं के पलायन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, ठीक वैसी ही स्थिति अब मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के गांव सुराना में बन रही है। इस गांव में रह रहे हिंदू समुदाय के लोग मुस्लिम समुदाय के लोगों की धमकियों और प्रताड़नाओं से भयभीत हैं। मंगलवार को इन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर कहा कि यदि हमारी मदद नहीं की गई तो हम तीन दिन में अपना घर, खेत, संपत्ति आदि छोड़कर गांव से पलायन के लिए तैयार हैं। डरे-सहमे हिंदू ग्रामीणों का कहना है कि गांव की कुल आबादी 2200 है, जिसमें 60 प्रतिशत मुस्लिम व 40 प्रतिशत हिंदू हैं। रतलाम कलेक्टर इस मामले में बुधवार को सुबह 11 बजे गांव का दौरा करने पहुंचेंगे।

सुराना गांव रतलाम जिला मु्ख्यालय से करीब 13 किमी दूर बिलपांक थाना अंतर्गत स्थित है। इस गांव में इन दिनों बहुत तनाव है। मंगलवार को गांव में रहने वाले हिंदू समुदाय के लोग रतलाम कलेक्टर आफिस पहुंचे और एसडीएम अभिषेक गेहलोत को ज्ञापन सौंप कर अपनी पीड़ा बताई।


ग्रामीण दशरथ, मुकेश जाट, भरतलाल जाट आदि ने बताया कि यहां हिंदू-मुसलमान कई पीढ़ियों से साथ रह रहे थे, लेकिन बीते दो-तीन वर्षों से गांव में हिंदू युवाओं के साथ गाली-गलौज, मारपीट व धमकाने जैसी घटनाएं आए दिन हो रही हैं। हमेशा हिंदू युवाओं पर ही झूठी एफआइआर दर्ज हुई है। यहां गांव की गलियों, चबूतरों और चौराहों पर बैठे लोग आपस में बातें करते नजर आते हैं, लेकिन उनके बीच दूरी, अविश्वास और असुरक्षा की भावना साफ दिखाई देती है।

मुस्लिम ज्यादा हैं इसलिए धमकाते हैं

पीड़ित हिंदुओं के मुताबिक गांव में संख्याबल में अधिक होने के कारण मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा हिंदुओं को आए दिन डराया-धमकाया जाता है। पुलिस को सूचना देते हैं तो कार्रवाई के नाम पर दोनों पक्षों को बेवजह परेशान किया जाता है। पिछले दिनों हुए विवाद को लेकर एसपी से मिले तो सुनवाई के बजाय हमें ही घर तोड़ने, रासुका लगाने की धमकी दे दी गई। अब हमें इस गांव में नहीं रहना। तीन दिन में गांव खाली कर देंगे। प्रशासन हमें अन्य स्थान पर जमीन के पट्टे दे दे, जिससे हम सुरक्षित व शांतिपूर्वक रह सकें।

विवादों के बाद बिगड़ा माहौल

बीते एक साल से दोनों पक्षों के बीच हो रहे विवादों की वजह से माहौल बिगड़ता चला गया। पिछले साल दो बार बड़े विवाद के मामले दर्ज हो चुके हैं। इसके बाद एसपी गौरव तिवारी ने शांति समिति की बैठक लेकर दोनों वर्गों के लोगों से चर्चा की थी। कई लोगों को बाउंडओवर भी किया गया था।

रात में घरों के बाहर लिखा, मकान बेचना है

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मंगलवार दोपहर अपनी पीड़ा प्रशासकीय अधिकारियों को बताने के बाद गांव पहुंचे हिंदुओं ने अपने घरों के बाहर लिख दिया, मकान बेचना है। गांव के सुरेश पांचाल, विनोद जाट आदि ने बताया कि परेशानी को बताने का कोई और रास्ता नहीं था।

पुलिस कह रही - हालात सामान्य हैं

कुछ दिन पहले मुकेश नामक युवक ने गांव के एक अन्य युवक से मारपीट की थी। इसे लेकर उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। कोई समस्या है तो पुलिस में शिकायत करें। गांव में स्थिति सामान्य है।

-गौरव तिवारी, एसपी, रतलाम

जल्द ही गांव में प्रशासन का दल पहुंचेगा और ग्रामीणों से बैठकर बात करेंगे। तनाव, पलायन जैसी कोई बात नहीं है।

एमएल आर्य, एडीएम, रतलाम