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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रतलाम जिला अस्पताल में बिना आंख और अंगुलियों वाले शिशु का जन्म

Ratlam News: बच्चे के अंगुलियां और आंख सहित अन्य अंग भी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाए।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sat, 04 Jun 2022 10:11:38 AM (IST)Updated Date: Sat, 04 Jun 2022 10:15:02 AM (IST)
रतलाम जिला अस्पताल में बिना आंख और अंगुलियों वाले शिशु का जन्म

Ratlam News: रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रतलाम जिला अस्पताल के एमसीएच में शुक्रवार को एक विकृत शिशु को प्रसूता ने जन्म दिया। शिशु बच्चे में कई विकृतियां होने के साथ ही शरीर पर चमड़ी भी पूरी तरीके से नहीं है, नसें से भी बाहर दिखाई दे रही है। अंगुलियां और आंख सहित अन्य अंग भी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाए। इस सब के बावजूद भी बच्चा रो रहा है और धड़कन भी चल रही है गंभीर हालत होने से शिशु को एसएनसीयू में रखा गया है ऐसे मामलों में शिशु के बचने की संभावना बहुत कम होती है इससे पहले भी दो सिर वाले एक शिशु को जावरा की प्रसूता ने जन्म दिया था जिसे बाद में उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया था।

शुक्रवार शाम एमसीएच में बड़ावदा निवासी प्रसूता ने एमसीएच में शाम 3.45 बजे शिशु को जन्म दिया। अब पूरी तरह से विकसित नहीं होने से यह पता नहीं चल पाया कि शिशु लड़का है अथवा लड़की, वजन 2.200 ग्राम है। प्री-मैच्योर डिलेवीरी भी नहीं है। एसएनसीयू प्रभारी डॉ. नावेद कुरैशी ने बताया बच्चे में एक साथ कई जन्मजात विकृतियां हैं। जेनेटिक म्यूटियशन की वजह से ऐसा होता है।


बच्चे की चमड़ी में बड़ी-बड़ी दरारें है, इससे संक्रमण का खतरा रहता है। देश में इस तरह के बच्चे कम होते हैं। ऐसे मामलों में 15 से 20 प्रतिशत बच्चों की पहले सप्ताह में मौत हो जाती है। शिशु की स्थिति थोड़ी ठीक होने पर अच्छे उपचार के लिए रेफर किया जाएगा फिलहाल एसएनसीयू में ही उपचार दिया जा रहा है।

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