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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रतलाम : मोक्ष मार्ग सौदे का नहीं त्याग का मार्ग

रतलाम। सागोद रोड स्थित जैन दिवाकर स्मारक पर आगमज्ञाता गुरुदेव डा. समकित मुनिजी ने कहा कि बिना पकड़ छूटे आदमी संसार से नहीं छूट सकता। दीक्षा कर्मों से म...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Wed, 31 Mar 2021 10:50:45 PM (IST)Updated Date: Wed, 31 Mar 2021 10:50:45 PM (IST)
रतलाम : मोक्ष मार्ग सौदे का नहीं त्याग का मार्ग

रतलाम। सागोद रोड स्थित जैन दिवाकर स्मारक पर आगमज्ञाता गुरुदेव डा. समकित मुनिजी ने कहा कि बिना पकड़ छूटे आदमी संसार से नहीं छूट सकता। दीक्षा कर्मों से मुक्त होने के लिए नहीं बल्कि पकड़ से मुक्त होने के लिए ली जाती है। मोक्ष मार्ग सौदे का नहीं त्याग का मार्ग है। जो पकड़ में अटक गया समझो वह भटक गया। पकड़ को पकड़ कर आज तक किसी की साधना सिद्ध नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि जब कान प्रशंसा के शब्द सुनने के लिए आतुर हो और प्रशंसा के शब्द कान में न पड़े तो व्यक्ति परेशान हो जाता है। जो व्यक्ति दूसरों को परेशान करने की न सोचे वही सरल होता है। जब अपने ही अपनों को मजबूर कर देते हैं, उस समय अपनों को अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ता है। रिश्ते जब पाप के होते हैं तो तकलीफ देते हैं। खाने में संयम नहीं तो पेट में झगड़ा शुरू हो जाता है और बोलने में संयम नहीं तो घर में झगड़ा शुरू हो जाता है। जितनी तेज जुबान हिलती है, उतना ही तेज मन भागता है। मन को कंट्रोल करना है तो जीभ को कंट्रोल करो। शांति की इच्छा है तो पहले इच्छाओं को शांत करो। इच्छाएं जब खत्म होती है, तब जाकर खुशियां प्रारंभ होती है।


मुमुक्षु सुहास गांधी का किया बहुमान

सैलाना। आचार्यश्री उमेश मुनिजी के शिष्य प्रवर्तक जिनेंद्र मुनिजी, गिरीश मुनिजी, रवि मुनिजी तथा महासती किरणबाला श्रीजी आदि होली चातुर्मास के लिए स्थानक भवन में विराजित है। इस अवसर पर स्थानीय जैन धर्मशाला स्थित अणु वाटिका में आयोजित धर्मसभा में रतलाम के धर्मनिष्ठ गांधी परिवार के मुमुक्षु सुहास गांधी को युवा मंडल के सदस्य भगवान महावीर, जय उमेश, जय जिनेंद्र के जयकारों के साथ जुलूस के रूप में लेकर आए। प्रवर्तकश्री की धर्मप्रभावना के पश्चात श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ अध्यक्ष करुण संघवी, उपाध्यक्ष श्रेणिक पितलिया, सचिव राजेश सियार, अणु मित्र मंडल अध्यक्ष अमित पितलिया, उपाध्यक्ष अभिनव सियार आदि ने दीक्षार्थी सुहास गांधी का अभिनंदन पत्र, शाल, रजत फल, माला से बहुमान किया। साथ ही दीक्षार्थी के वीर माता-पिता नरेंद्र गांधी, सपना गांधी,दो बहनों का सम्मान भी संघ द्वारा किया गया। श्रावक कन्हैयालाल मोगरा, भंवरलाल संघवी, कांतिलाल संघवी, ओमप्रकाश पितलिया, प्रदीप पितलिया, सुनील चंडालिया, मुकेश संघवी, विमल कटारिया, धर्मेंद्र संघवी, धनसुख सुराणा, नितेश संघवी, संदीप रांका, भूपेंद्र रांका, महेंद्र संघवी, सुनील सियार, योगेश संघवी, विजय संघवी, श्रेणिक लोढ़ा, प्रवीण संघवी आदि गुरुभक्त उपस्थित थे।