रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बाल विवाह की सूचना पर पुलिस, महिला बाल विकास विभाग के अमले को लेकर चाइल्ड लाइन की टीम मौके पर पहुंची तो शादी वाले घर से बालिग नकली दूल्हा पेश कर टीम को भ्रमित करने की कोशिश की गई। टीम ने पूछताछ में यह बात पकड़ ली, बाद में पुलिस चौकी पर बालक के स्वजन को लाकर समझाइश देकर बाल विवाह न कराने का पंचनामा बनवाया गया।

चाइल्ड लाइन के को-आर्डिनेटर प्रेम जाट ने बताया कि टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम बांगरोद में एक बाल विवाह हो रहा है। बालक की उम्र 14 वर्ष ही है। जिसके पश्चात चाइल्ड लाइन टीम सदस्य अरुण भल्ला, दिव्या उपाध्याय, लक्षिका राठौर व महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी शशिकला मंडोरा, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता व बांगरोद चौकी से शिवपाल सिंह सिसौदिया की संयुक्त टीम ग्राम बांगरोद में विवाह स्थल पर पहुंची। टीम द्वारा पूछने पर दूल्हे के परिजनों ने पूरी तैयारी के साथ नकली दूल्हा व उसके दस्तावेज पेश किए जिसमें दूल्हे की उम्र 22 वर्ष थी। टीम ने मौके पर नकली दूल्हे की काउंसिलिंग कर सख्ती से पूछताछ की तो परिवार वालों का झूठ सामने आ गया।

पढ़ना चाहता हूं, जबरन शादी करा रहे

इसके बाद असली 14 वर्षीय दूल्हे को लाने पर काउंसिलिंग की गई। जिसमे बालक ने बताया कि वह अभी पढ़ना चाहता हैं लेकिन घर वाले नही मान रहे हैं। टीम द्वारा मौके पर पंचनामा बनाया गया व परिवार के कथन लेकर उन्हें बाल विवाह कानूनन अपराध होने व 3 वर्ष की सजा की जानकारी दी गई।

विवाद किया तो पुलिस चौकी ले गए

कानून की जानकारी देने के बावजूद परिवार के लोगों व रिश्तेदारों द्वारा मौके पर विवाद शुरू कर दिया गया। जिसके चलते चाइल्ड लाइन टीम ने पुलिस बल के सहयोग से बालक को रेस्क्यू किया व बांगरोद चौकी लाया गया। चौकी प्रभारी सपना राठौर व गांव के वरिष्ठजनों के समक्ष बालक के स्वजनों ने अपनी गलती स्वीकार और पंचनामे पर हस्ताक्षर किए। जिसके अनुसार यदि वे बालक का विवाह 21 वर्ष से पहले करते हैं तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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