
रतलाम। समीपस्थ ग्राम उमरथाना में आयरन की दवा पीने के बाद गांव के 14 बच्चों को तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने अमला गांव के लिए रवाना किया। इधर 12 गंभीर बच्चों को बाल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक सभी बच्चों की हालत में सुधार है।
शनिवार शाम करीब 5.45 पर जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सीएमएचओ डॉ. पंकज शर्मा को सूचना मिली कि जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम उमरथाना में बच्चे बीमार हो गए हैं। एहतियात बतौर मौके पर सीएमओ डॉ. प्रभा शर्मा सहित डॉ. जीआर गौड़ एवं शिशु रोग विशेष डॉ. अशोक हरोड़ के साथ स्वास्थ्य विभाग का अमला तीन एंबुलेंस लेकर गांव पहुंचा। इस दौरान अमले ने 14 बच्चों का प्रारंभिक उपचार कर गंभीर 12 बच्चों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से बाल अस्पताल रैफर किया। प्रभारी सीएमएचओ डॉ. शर्मा सहित शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद झारे एवं डॉ. योगेश निखरा ने अस्पताल में बीमार बच्चों का उपचार किया। सूचना मिलने पर रेडक्रॉस सोसायटी चेयरमैन महेंद्र गादिया ने भी रेडक्रॉस की एम्बुलेंस मौके पर रवाना की।-निप्र
आंगनवाड़ी में पिलाई दवा
एकाएक बड़ी संख्या में एक ही क्षेत्र के बच्चे बीमार होने के बाद हरकत में आए प्रशासन ने जब पड़ताल की तो पता चला कि दोपहर में आंगनवाड़ी केंद्र पर दाल-पराठे खाने के बाद बच्चों को आयरन की दवा दी गई थी। संभावना है कि बच्चों को एसिडिटी होने के कारण उल्टी शुरू हो गई।
यह बच्चे हुए बीमार
दवा पीने के बाद आजाद (3) पिता समरथ, जितेंद्र (5) पिता कैलाश, शुभम (5) पिता कमलेश, सचिन (5) पिता जमगालाल, लालू (3) पिता पप्पू, माया (3) पिता शंकर, राधा (4) पिता पप्पू, सोनू (4) पिता बलराम, संदिप (5) पिता बालाराम, खुशी (3), अंकिता (5) व कुनाल (2) तीनों के पिता मोतीलाल की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर एंबुलेंस से इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन श्यामबाबू यादव रतलाम लेकर आए। इधर रेखा (5) एवं रानू (4) पिता विक्रम की हालत में सुधार होने पर गांव में ही उपचार किया गया।
गैसट्राइटिस
आयरन की दवा से पहले बच्चों ने दाल-परांठे खाए थे, गर्मी के चलते गरिष्ठ भोजन के बाद आयरन की दवा पीने से बच्चों के बीमार होने की संभावना जताई जा रही है। उन्हें गैसट्राइटिस की समस्या थे, जिससे उल्टियां हुई। सभी बच्चों की हालत में काफी सुधार है।- डॉ. पंकज शर्मा, प्रभारी सीएमएचओ, जिला अस्पताल रतलाम