
जयदीप गुर्जर, रतलाम। पंचेड़-नामली मार्ग स्थित तुलसी वाटर पार्क में संचालित स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक देह व्यापार के मामले में पुलिस ने स्पा सेंटर से मुक्त कराई गई तीनों थाई युवतियों को नियमानुसार एग्जिट प्रक्रिया पूरी कर उनके देश थाईलैंड भेज दिया है। जांच के दौरान मोबाइल की पड़ताल में कई नए सुराग भी मिले हैं।
इनमें आरोपित भरत मेवाड़ा के ऐसे फोटो और वीडियो मिले हैं, जिनमें वह एक थाई युवती के साथ शादी की रस्में निभाता नजर आ रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इसी युवती के संपर्क के माध्यम से तीनों थाई युवतियां भारत पहुंची थीं।
तीनों युवतियों को 3 जुलाई को रतलाम से मुंबई ले जाया गया। वहां मुंबई स्थित एफआरआरओ (फारेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन Office) में दस्तावेजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें थाईलैंड जाने वाली फ्लाइट से रवाना किया गया। इस मामले में डिपोर्ट नहीं, बल्कि एग्जिट की प्रक्रिया अपनाई गई है।
जांच में सामने आया कि तीनों युवतियां टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थीं, लेकिन उन्होंने वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया। एक युवती का वीजा करीब सात माह पहले समाप्त हो चुका था, जबकि उसका पासपोर्ट भी कार्रवाई से चार दिन पहले ही एक्सपायर हो गया था।
दूसरी युवती का वीजा तीन माह और तीसरी का करीब एक माह पहले समाप्त हो चुका था। ओवरस्टे के कारण नियमानुसार तीनों पर क्रमश: एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 20 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई गई।
कार्रवाई के बाद तीनों युवतियों को वन स्टाप सेंटर में रखा गया था। भाषा संबंधी समस्या के कारण पुलिस ने उनसे बातचीत और पूछताछ के लिए गूगल ट्रांसलेटर की सहायता ली। इसी दौरान उनके बयान दर्ज किए गए और अन्य औपचारिकताएं पूरी की गई।
जांच में सामने आया है कि जिस थाई युवती का वीजा सात माह पहले समाप्त हो चुका था, वह रतलाम आने से पहले राजस्थान के जयपुर और चित्तौड़गढ़ के अलावा गुजरात के भावनगर और आनंद में भी रह चुकी थी। वह मध्यप्रदेश के मंदसौर स्थित एक स्पा सेंटर में भी कुछ समय तक कार्य कर चुकी थी। इन विदेशी युवतियों का आपसी संपर्क एक वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से बना रहता था। एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने अथवा नई युवती के पहुंचने की सूचना भी इसी ग्रुप के जरिए साझा की जाती थी। प्रारंभिक पड़ताल में जयपुर इस नेटवर्क का प्रमुख केंद्र होने के संकेत मिले हैं।
5 जून को पंचेड़-नामली मार्ग स्थित तुलसी वाटर पार्क परिसर में संचालित स्पा सेंटर पर पुलिस ने दबिश दी थी। कार्रवाई के दौरान स्पा सेंटर से थाईलैंड की तीन युवतियों को मुक्त कराया गया। जांच में स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक देह व्यापार संचालित होने के आरोप सामने आए। मामले में पुलिस ने स्पा संचालक नरेश चौहान, मैनेजर भरत मेवाड़ा और वाटर पार्क मैनेजर दिलीप ठाकुर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। बाद में वाटर पार्क संचालक योगिता सिंह को भी आरोपित बनाकर इंदौर से गिरफ्तार किया गया। उसकी जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी। मामले में आरोपित योगेश सिंह अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
जिले में संचालित सभी स्पा सेंटरों की नियमित जांच कराई जा रही है। किसी स्पा सेंटर में कोई विदेशी युवती कार्यरत मिली तो उसके दस्तावेज, वीजा और वैधानिक अनुमति की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित संचालकों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - विवेक कुमार, एएसपी।