
रतलाम। तेज गति से दौड़ती ट्रेनों को दुर्घटना से बचाने के लिए ट्रैक की देखरेख का जिम्मा रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग का है। लेकिन सुपरवाइजर व ट्रैकमैन की ड्यूटी महज कागजों पर हो रही है। हालात यह है कि सेक्शन के सुपरवाइजर बारी-बारी अनाधिकृत रूप से छुट्टी पर रहकर शासकीय भत्तो का लाभ ले रहे हैं वहीं इनके अधीन ट्रॉलीमैन भी पूरे माह गायब रहते हुए मस्टर के कालम में एक साथ हस्ताक्षर कर पूरा वेतन पा रहे हैं। यह मामला इंजीनियरिंग विभाग के अधीन रेल टेस्टिंग विभाग का है। इस सांठगांठ के उजागर होने के बाद कर्मचारी संगठन भी विरोध जता रहे हैं।
ऐसे हो रही गड़बड़
विभाग में चल रही सांठगांठ को लेकर मार्च 2015 के मस्टर दस्तावेज निकलवाए गए। मस्टर में खलासी जगदीश तथा ट्रैकमैन बाबू, गोवर्धन, शंकरलाल एम, हरिशंकर पाठक तथा रणधीर सिंह गुर्जर के हस्ताक्षर दर्ज हैं। यानी उन्होंने नियमित ड्यूटी की लेकिन ट्रॉलीमैन देवकीनंदन गुप्ता के उपस्थिति हस्ताक्षर कॉलम में 23 दिन निरंक है।
आश्चर्य यह है कि माह के अंत में गुप्ता के निरंक कॉलम में हस्ताक्षर दर्ज कर दिए गए। इस हाजरी मस्टर के आधार पूरे माह का वेतन जारी करवा लिया गया। दस्तावेज सामने आने पर रेलकर्मियों के ड्यूटी से गायब होने के बावजूद वेतन पाने की आशंकाओं को बल मिला है।
कर्मचारी संगठन का हस्तक्षेप
दस्तावेज सामने आने के बाद ऑल इंडिया ओबीसी रेलवे एम्पलॉइज एसोसिएशन ने इसे मुद्दा बना लिया है। एसोसिएशन के मंडल सचिव राजेश गुर्जर तथा मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश गुर्जर सहित अन्य कर्मचारी मस्टर की में फोटोकॉपी लेकर विभाग के प्रमुख वरिष्ठ मंडल इंजीयिनर (समन्वय) लोकेश कुमार के पास पहुंचे। पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी बात नहीं सुनी गई।
सहयोग नहीं करने पर तबादला
मंडल मंत्री गुर्जर ने कहा कि रेल टेस्टिंग विभाग में चल रही सांठगांठ के खिलाफ कर्मचारी रणवीर सिंह गुर्जर के आपत्ती ली। विभाग ने उनका तबादला रेल टेस्टिंग विभाग से आरके नगर गैंग में कर दिया।
मीटिंग में बैठा हूं
मैं मुंबई मुख्यालय आया हूं। अभी मीटिंग में बैठा हूं। इस मामले में आपसे बाद में बात करूंगा।
-लोकेश कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय), इंजीनियरिंग विभाग रतलाम
गड़बड़ दिखवाते हैं
इंजीनियरिंग के रेल टेस्टिंग विभाग में मस्टर में गड़बड़ी कर आर्थिक लाभ लेना अनुचित है। कुछ गड़बड़ है तो दिखवाते हैं।
-जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी रतलाम
सफाई अमले की हाजिरी आज से बायोमैट्रिक पर
रतलाम। रेलवे स्टेशन पर सफाईकर्मियों की हाजिरी अब बायोमेट्रिक मशीन से होगी। गुरुवार से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इससे सफाई के लिए तैनात अमले की जानकारी लेना आसान हो जाएगा। पहले रजिस्टर में हाजिरी दर्ज कर डीआरएम ऑफिस भेजी जाती थी।
ऑनलाइन देख सकेंगे उपस्थिति
स्टेशन पर बायोमेट्रिक मशीन लगाने के बाद इसे डीआरएम ऑफिस के सर्वर से जोड़ा है। बुधवार को गुजरात के आनंद से आई तकनीकी टीम ने एआरओ वीरेंद्र मकवाना की निगरानी में करीब चार घंटे में डिप्टी एसएस कमर्शियल के ऑफिस में मशीन लगाई। मशीन में अंगूठे से दर्ज उपस्थिति सीएमआई के कम्प्यूटर में दिखाई देगी।
इस पर लगेगी रोक
कर्मचारी के आने-जाने का समय दर्ज होगा, लेट आने की प्रवृति पर रोक लगेगी। सफाई का काम करने वाली फर्म को निर्धारित संख्या में ही कर्मचारी तैनात करने होंगे। अनुबंध से कम संख्या में तैनाती का पता मशीन से चल जाएगा।