साढ़े चार लाख गाय-भैंसों की बनी यूनिक आइडी
रतलाम (नईदुनिया प्रतिनि;घिळर्-ऊि्झ।)। जिले में गाय समेत अन्य पालतू पशुओं की यूनिक आइडी बनाने का क
By Nai Dunia News Network
Edited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Mon, 09 Aug 2021 12:13:48 AM (IST)
Updated Date: Mon, 09 Aug 2021 12:13:48 AM (IST)

रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में गाय समेत अन्य पालतू पशुओं की यूनिक आइडी बनाने का काम चल रहा है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा मवेशी की नस्ल, उम्र, मालिक सहित अन्य जानकारी दर्ज की जा रही है। फिलहाल गाय-भैंस की विशेष पहचान के लिए यूनिक आइडी देकर उसके कान पर एक प्लेट चस्पा हो रही है। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गाय और भैंसों की टैगिंग का काम चल रहा है। इससे पशुओं की पहचान करने में आसानी होगी।
केंद्र सरकार द्वारा इनाफ पोर्टल लांच किया गया है, जिस पर पशुओं का टैग नंबर डाला जा रहा है। उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं एमके शर्मा ने बताया कि पहले चरण में गाय-भैस की यूनिक आइडी बन रही है। इसके बाद बकरियों की शुरु होगी। पशुओं की टैगिंग अनिवार्य कर दी गई है और इससे पशुपालकों को कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।
इस तरह से मिलेगा लाभ
यूनिक आइडी बन जाने के बाद पशु की पहचान कभी भी कोई भी व्यक्ति आनलाइन ही कर सकता है। मवेशी के खरीदने-बेचने के दौरान भी उसके और मालिक के बारे में जानकारी एक क्लिक पर सामने आ सकेगी। यदि किसी क्षेत्र में पशुओं में कोई बीमारी फैल रही हो और उस जगह का कोई पशु अन्य जिले या प्रदेश में ले जाया गया है तो उसकी पहचान पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी यूनिक आइडी से कर सकेंगे। उसके बाद उपचार सहित अन्य आवश्यक कदम उठाए जा सकने में मदद मिलेगी। बीमा भी आसानी से हो जाएगा। कभी कोई घटना-दुर्घटना हो जाए और संबंधित पशु के मालिक की पहचान भी यूनिक आइडी से हो जाएगी।
जिले में चिह्नित पशुओं की संख्या
गाय- 319216
भैंस- 193274
भेड़- 2287
बकरी- 270217
सूअर- 405
अब तक बनी यूनिक आइडी- 455823
छोटे मवेशियों आइडी- 284300
इस साल का संभावित लक्ष्य- 784994