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रतलाम में भारी बवाल, निवेश क्षेत्र के विरोध में पुलिस पर पथराव, दागने पड़े आंसू गैस के गोले; सरपंच सहित 20 हिरासत में

अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम पर ग्रामीणों द्वारा पथराव किए जाने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

By Jaydeep GurjarEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Fri, 12 Jun 2026 04:51:42 PM (IST)Updated Date: Fri, 12 Jun 2026 04:51:42 PM (IST)
रतलाम में भारी बवाल,  निवेश क्षेत्र के विरोध में पुलिस पर पथराव, दागने पड़े आंसू गैस के गोले; सरपंच सहित 20 हिरासत में
रतलाम में भारी बवाल

HighLights

  1. अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने किया पथराव
  2. हालात काबू करने पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, तीन पुलिसकर्मी घायल
  3. निवेश क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण का ग्रामीण लगातार कर रहे विरोध

नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। जिले के पलसोड़ी क्षेत्र में शुक्रवार को प्रस्तावित निवेश क्षेत्र के लिए अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम पर ग्रामीणों द्वारा पथराव किए जाने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा तथा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है।

जानकारी के अनुसार पलसोड़ी सहित आसपास के चार से पांच गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर भूमि निवेश क्षेत्र में शामिल की जा रही है। इसके विरोध में ग्रामीण लंबे समय से आंदोलनरत हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासनिक अधिकारी, भारी पुलिस बल तथा अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी और बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।


ग्रामीणों को समझाने का प्रयास

दोपहर करीब 2 बजे अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने जुलवानिया सरपंच छोटू मईडा सहित 20 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े।

जुलवानिया सरपंच छोटू भाभर ने बताया कि ग्रामीण शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन से कार्रवाई रोकने और सात दिन का समय मांगने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मामले में हाईकोर्ट में स्थगन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। इसके बावजूद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने पथराव की घटना की जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा कि यह कृत्य असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया होगा। सरपंच का आरोप है कि हिरासत में लेने के बाद उन्हें और अन्य लोगों को दो वज्र वाहनों में बैठाकर करीब दो घंटे तक रिंग रोड और आसपास के क्षेत्रों में घुमाया गया।

यह है मामला

मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) द्वारा जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से मेगा इंडस्ट्रियल पार्क निवेश क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत ग्राम जामथुन, बिबड़ोद, जुलवानिया, पलसोड़ी, रामपुरिया और सरवनी खुर्द की करीब 1370.532 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर निवेश क्षेत्र बनाया जा रहा है। यहां कई बड़ी कंपनियों ने भूमि लेने के साथ प्लांट स्थापना की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

ग्रामीण इसका विरोध कर रहे

दूसरी ओर शासकीय भूमि पर वर्षों से खेती कर रहे ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। पलसोड़ी के हल्का नंबर-7 के सर्वे नंबर-135 की 2.360 हेक्टेयर शासकीय भूमि को निवेश क्षेत्र में शामिल करने के लिए तहसीलदार कार्यालय से सार्वजनिक सूचना जारी की गई थी। इस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 10 जून तक का समय निर्धारित किया गया था।

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आपत्ति पत्र सौंपा गया

गुरुवार को एसडीएम शहर आर्ची हरित और तहसीलदार ऋषभ ठाकुर पलसोड़ी पहुंचे थे। ग्राम पंचायत भवन में आयोजित बैठक में पंचायत की ओर से भूमि लिए जाने पर आपत्ति पत्र सौंपा गया। ग्रामीणों ने तर्क दिया कि अधिग्रहण प्रक्रिया में देरी होने के कारण अधिसूचना निरस्त हो चुकी है और ग्रामवासी भूमि अधिग्रहण की अनुमति नहीं देते। अधिकारियों द्वारा अन्यत्र भूखंड आवंटन और रोजगार सृजन की जानकारी दिए जाने पर ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें खेती करनी है, रोजगार और प्लाट नहीं चाहिए।

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आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं

एमपीआईडीसी के राजेश राठौर ने बताया कि निवेश क्षेत्र के लिए ली जा रही भूमि शासकीय है तथा प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। फिलहाल घटना के बाद प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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