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कल्पना मिश्रा मौत के मामले में अथर्व ब्लड सेंटर पर FIR के निर्देश, रीवा का जिला दवा अधिकारी निलंबित

सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और विधायक अभय मिश्रा को धरना स्थल से उठाकर सिटी कंट्रोल रूम ले जाया गया।

By Shyam MishraEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 04:44:43 PM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 04:44:43 PM (IST)
कल्पना मिश्रा मौत के मामले में अथर्व ब्लड सेंटर पर FIR के निर्देश, रीवा का जिला दवा अधिकारी निलंबित
सेमरिया विधायक अभय मिश्रा को धरनास्थल से बलपूर्वक उठाकर ले जाती पुलिस। नईदुनिया

HighLights

  1. बेटी को न्याय दिलाने के लिए बैठे पिता को प्रशासन ने जबरन उठाया
  2. धरना संभालने पहुंचे विधायक अभय मिश्रा को कंट्रोल रूम में नजरबंद
  3. तबीयत का हवाला देकर उन्हें अनशन तोड़ने पर मजबूर किया गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा। संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के मामले में अब ब्लड बैंक सेंटर पर कार्रवाई की गई है। मध्य प्रदेश खाद्य एवं दवा प्रशासन के कंट्रोलर ने अथर्व ब्लड सेंटर में मिली गड़बड़ियों को लेकर एपआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। न्याय की लड़ाई अब प्रशासन और परिवार के बीच सीधी टकराहट में बदल गई है।

धरना स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया

अपनी बेटी के लिए 15 दिनों से सिरमौर चौराहे पर आमरण अनशन पर बैठे पिता राम शिरोमणि मिश्रा को प्रशासन ने गत दिवस देर रात जबरन धरना स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया।परिजनों का आरोप है कि पिता की तबीयत का हवाला देकर उन्हें अनशन तोड़ने पर मजबूर किया गया।


शरीर जवाब दे चुका था, वे बैठ भी नहीं पा रहे

लगातार अन्न त्यागने से उनका शरीर जवाब दे चुका था, वे बैठ भी नहीं पा रहे थे, लेकिन उनकी मांग थी - दोषी डॉक्टरों पर एफआईआर। प्रशासन ने उन्हें इलाज के नाम पर हटा दिया और धरना स्थल खाली करा दिया।पिता को हटाए जाने की खबर मिलते ही दूसरे दिन कल्पना को न्याय दिलाने और धरने की लौ को बुझने न देने के लिए सेमरिया विधायक अभय मिश्रा धरना स्थल पर पहुंच गए।

अस्पताल में कैद करने से न्याय की आवाज दबेगी नहीं

उन्होंने वहीं चादर बिछाकर धरना शुरू कर दिया और कहा कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी, यह लड़ाई रुकेगी नहीं। एक पिता को अस्पताल में कैद कर देने से न्याय की आवाज दबेगी नहीं। कंट्रोल रूम में उन्हें समझाइश दी गई कि वे धरना स्थल पर न जाएं, लेकिन विधायक अपनी जिद पर 2 घंटे तक अड़े रहे। बाद में विधायक को उनके निवास भेज दिया गया।

पूरे विंध्य की जनता को नहीं उठा सकता

पुलिस अभय मिश्रा ने स्पष्ट कहा है कि यह कोई राजनीतिक धरना नहीं, एक पिता की न्याय की लड़ाई है। प्रशासन भूख हड़ताल पर बैठे बुजुर्ग पिता को उठा सकता है, लेकिन पूरे विंध्य की जनता को नहीं उठा सकता।समाचार लिखे जाने तक विधायक अभय मिश्रा को कंट्रोल रूम में ही नजरबंद रखा गया है। पुलिस अधिकारी उन्हें लगातार मनाने में जुटे हैं, पर वे धरना जारी रखने पर अडिग हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ता फिर से सिरमौर चौराहे पर जुटने लगे

कल्पना के परिजन और कांग्रेस कार्यकर्ता फिर से सिरमौर चौराहे पर जुटने लगे हैं।26 अगस्त को कल्पना मिश्रा की मौत के बाद से शुरू हुआ यह आंदोलन अब रीवा में सबसे बड़ा जन आंदोलन बनता जा रहा है, जिसमें प्रशासन के हर दांव के बाद नया चेहरा धरने पर बैठ रहा है।

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