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सीधी के सूर्या को देखते ही शांत हुआ साथी की मौत से गुस्साया हाथी, यह फिल्मी दृश्य से कम नहीं था

सीधी और मऊगंज जिले की जंगल सरहद पर पिछले तीन दिनों से चल रहा हाथी रेस्क्यू अभियान आखिरकार सोमवार शाम खत्म हो गया। इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी नायक बना...और पढ़ें

By Neelambuj PandeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 09:42:04 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 09:42:04 PM (IST)
सीधी के सूर्या को देखते ही शांत हुआ साथी की मौत से गुस्साया हाथी, यह फिल्मी दृश्य से कम नहीं था
जंगल में हाथी रेस्क्यू करती टीम। सौजन्‍य टीम

HighLights

  1. फसलों को रौंद रहा था और घरों में तोड़फोड़ कर रहा था
  2. वन विभाग के लिए भी उसे नियंत्रित करना चुनौती बना था
  3. प्रशिक्षित हाथी बापू और चित्रा पहले से ही मौके पर मौजूद थे

नीलांबुज पांडे, नईदुनिया, सीधी। सूर्या ने जो किया, उसने वन विभाग के अधिकारियों से लेकर मैदान में डटे वनकर्मियों तक को हैरान कर दिया। संजय टाइगर रिजर्व के हाथी रेस्क्यू प्रभारी अर्पित मेराल रेंजर व्यौहारी, कैलाश बामनिया रेंजर वस्तुआ ड्रोन प्रभारी की मैदान में डटे रहे।

साथी की मौत के बाद स्वभाव आक्रामक हो गया था

दरअसल, जंगल में घूम रहा नर हाथी पिछले कई दिनों से गुस्से में था। बताया जा रहा है कि करंट लगने से उसकी साथी मादा हाथी की मौत हो गई थी। साथी की मौत के बाद से उसका स्वभाव आक्रामक हो गया था।


घरों में तोड़फोड़ से परेशान हो रहे थे ग्रामीण

वह गांव की ओर आकर खेतों में लगी फसलों को रौंद रहा था और घरों में तोड़फोड़ कर रहा था। ग्रामीणों में दहशत थी। वन विभाग के लिए भी उसे नियंत्रित करना चुनौती बना हुआ था।

प्रशिक्षित हाथी बापू और चित्रा मौके पर मौजूद रहे

सोमवार शाम करीब पांच बजे रेस्क्यू की अंतिम कोशिश शुरू हुई। संजय टाइगर रिजर्व के प्रशिक्षित हाथी बापू और चित्रा पहले से ही मौके पर मौजूद थे।

रिजर्व से विशेष तौर पर हाथी सूर्या को बुलाया था

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से विशेष तौर पर हाथी सूर्या को भी बुलाया गया था। टीम को देखते ही जंगली हाथी करीब चार किलोमीटर तक जंगल में भागता रहा। वन अमला पीछे लगा रहा, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था।

किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था

तभी टीम ने रणनीति बदली। सूर्या को आगे किया गया। इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। जंगली हाथी ने जैसे ही सूर्या को देखा, वह ठिठक गया। फिर धीरे-धीरे उसके नजदीक आ गया। कुछ ही देर में दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए। सूर्या की मौजूदगी से गुस्सैल हाथी शांत हो गया। दोनों की दोस्ती हो गई।

दोनों के करीब रहने का फायदा डॉक्टरों की टीम ने उठाया

इस दोस्ती ने ही रेस्क्यू को आसान बना दिया। दोनों हाथियों के एक-दूसरे के करीब रहने का फायदा उठाकर डॉक्टरों की टीम ने मोर्चा संभाला। पूरी टीम पहले से ही तैयार थी ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो।

दो घंटे की मशक्कत के बाद हाथी को नियंत्रित किया

चिकित्सकों ने सावधानी से औषधि का उपयोग किया और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद हाथी को नियंत्रित कर पहाड़ से नीचे सुरक्षित स्थान पर लाया गया। वन अधिकारियों के अनुसार हाथी को बांधवगढ़ भेज दिया गया है। स्थिति अब सामान्य है।

इसलिए टालना पड़ा था हाथी महोत्सव

इस रेस्क्यू अभियान का असर संजय टाइगर रिजर्व के प्रस्तावित हाथी महोत्सव पर भी पड़ा था। 21 से 26 सितंबर तक दुबरी परिक्षेत्र के खैरी झील हाथी कैंप में छह दिवसीय कैंप प्रस्तावित था। यह कैंप हाथियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होता, जहां चारों प्रशिक्षित हाथी बापू, भरत, चित्रा और शांभवी की टस्क ट्रिमिंग, नाखून कटिंग, स्वास्थ्य जांच, ब्लड सैंपल और पौष्टिक आहार की विशेष व्यवस्था की जाती है।

अब यह रेस्क्यू के लिए मैहर चले गए हैं

मऊगंज में हाथी की मौत और दूसरे हाथी के आक्रामक होने के बाद संजय टाइगर रिजर्व के बापू और चित्रा को रेस्क्यू में भेजना पड़ा। अब यह रेस्क्यू के लिए मैहर चले गए हैं। इस कारण महोत्सव को फिलहाल स्थगित करना पड़ा है।

संजय टाइगर रिजर्व की चित्र और बापू रेस्क्यू में शामिल रहे। अब यह मैहर रेस्क्यू टीम में शामिल हैं। इसके साथ दो रेंजर शामिल रहे है।

हृदय लाल सिंह एसडीओ संजय टाइगर रिजर्व सीधी

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