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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Food Museum: सीधी में मध्‍य प्रदेश का पहला श्री अन्न संग्रहालय, 30 वर्ष पुराने 15 बीज

Food Museum: आदिवासी बहुल कुसमी के खोखरा गांव में प्रसंस्करण यंत्र व कृषि यंत्र रखे, 10 रुपये लगती है टिकट।

By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Sat, 18 Feb 2023 09:47:25 PM (IST)Updated Date: Sat, 18 Feb 2023 09:47:25 PM (IST)
Food Museum: सीधी में मध्‍य प्रदेश का पहला श्री अन्न संग्रहालय, 30 वर्ष पुराने 15 बीज

Food Museum: नीलांबुज पांडे, सीधी। प्रदेश का पहला अनूठा श्री अन्न संग्रहालय (म्यूजियम) सीधी जिले के आदिवासी बहुल कुसमी के खोखरा गांव में इसी माह बनाया गया है। इस संग्रहालय में वर्षों पुराने श्री अन्न, प्रसंस्करण यंत्र, कृषि यंत्र, पौधे रखे गए हैं।

विदेशी पर्यटक संग्रहालय को देखकर स्थानीय गाइड से आदिवासी परिवारों के जनजीवन, रीति-रिवाज और संस्कृति के बारे में जान सकेंगे। पर्यटन विकास समिति खोखरा ने संग्रहालय को देखने के लिए 10 रुपये टिकट तय की है। टिकट बिक्री से मिलने वाली राशि संग्रहालय की देखरेख में खर्च की जाती है। संग्रहालय में करीब 30 वर्ष पुराने 15 से अधिक प्रकार के अनाज को डिब्बों में संजोकर कर रखा गया है।


श्री अन्न संग्रहालय में ये अनाज : ग्राम सुधार समिति के अंगिरा प्रसाद बताते हैं कि श्री अन्न संग्रहालय में कोदो, आमागोद, डडगी, लेदरी, कुटकी की मेझरी, अटकी, मेढ़ों, गुड़रू, समा, रागी, फाग, देसी ज्वार, झलरी, देसी मक्का, पीला व सफेद बाजरा शामिल है। इसके साथ ही कोदो व कुटकी और ज्वार का पौधा भी सुखाकर रखा गया है।

यह है अन्न प्रसंस्करण यंत्र : श्री अन्न प्रसंस्करण यंत्र में ऐसे यंत्र को इकठ्ठा किया गया है जो अब विलुप्त हो गए हैं। आदिवासी क्षेत्र की महिलाएं अब भी इन यंत्रों का उपयोग करती हैं। प्रसंस्करण यंत्र में देशी चकरा (मिट्टी), काड़ी, सूपा, मूसल, छोटी चकरी (पत्थर) हैं। वर्षों पुराने लकड़ी से बने हल, जुआ, नाधा, बांस टोपी, पैनारी, गेराई, खोथा, अखैनी, झेपना, बांस पैइला, कुरई, पैइला, कुरआ, खोमरी, मजुराला, हंसिया, खुरपी, कुदाल रखा गया है।

चार्ट में लिखे पोषक तत्व : संग्रहालय में दीवार में पोस्टर लगाया गया है जिसमें संग्रहित किए गए किस अनाज में कितना पोषक तत्व मिलते हैं, यह लिखा गया है।

इनका कहना है

श्री अन्न संग्रहालय प्रदेश ही नहीं, देश का इकलौता संग्रहालय है। यहां 15 प्रजाति के अनाज, कृषि यंत्र, श्री अन्न प्रसंस्करण को रखा गया है।

-श्रेयस गोखले, नोडल अधिकारी जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद।

यहां मिट्टी, लकड़ी और बांस की बने यंत्र रखे गए हैं। पर्यटक इसे देखकर ग्रामीण जीवन को बारीकी से समझ सकेंगे।

-हिमांशु तिवारी, कार्यपालन यंत्री आरईएस।