
नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। जिले के मझौली तहसील के ग्राम उमरिया निवासी किसान शिवशरण सिंह लोन दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार हो गए। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है।
आरोप है कि 25 लाख रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर एक ब्रोकर ने उनसे 10 ब्लैंक चेक लिए और अलग-अलग समय पर 6 लाख रुपये से अधिक की रकम खाते से निकाल ली, साथ ही श्रीराम फाइनेंस का फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र भी थमा दिया।
शिवशरण सिंह ने श्रीराम फाइनेंस सर्विस से 7 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसकी किस्तें वे नियमित रूप से जमा कर रहे थे। उन्हें अपने निजी कार्य के लिए अतिरिक्त 25 लाख रुपये की आवश्यकता थी। इसी दौरान कार्यालय संचालित करने वाले अनमोल बरकडे से हुआ, जो बैंक से लोन दिलाने का काम करता है।
फरियादी के अनुसार अनमोल बरकडे ने उसे भरोसा दिलाया कि वह यूनियन बैंक से 25 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा देगा। इसके लिए उसने पहले श्रीराम फाइनेंस का 5 लाख रुपये का बकाया चुकाने की बात कही।
लोन प्रक्रिया के नाम पर आरोपी ने शिवशरण से 10 खाली चेक ले लिए। आरोप है कि उन्हीं चेकों के जरिए अलग-अलग तारीखों में 6 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाल ली गई।
जब काफी समय तक लोन स्वीकृत नहीं हुआ तो आरोपी ने शिवशरण को श्रीराम फाइनेंस का अनापत्ति प्रमाण पत्र लाकर दिया। जब पीड़ित अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर मझौली स्थित श्रीराम फाइनेंस की शाखा पहुंचा।
जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया और उसका लोन खाता अभी भी बकाया होना बताया गया। इसके बाद पीड़ित ने आरोपित से अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन पैसे लौटाने के बजाय उसे टालमटोल किया जाने लगा।
कोतवाली थाना प्रभारी दिव्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत कुछ दिन पूर्व थाने में आई थी। मामले की जांच के लिए एक अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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