
नईदुनिया प्रतिनिधि,रीवा। शहर के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध गांधी मेमोरियल अस्पताल के गायनी वार्ड में दो दिन पूर्व हुई जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए 6 सदस्यीय विशेष दल शनिवार को रीवा पहुंचा।
यह दल श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में घटना से संबंधित सभी चिकित्सकों और नर्सों के बयान दर्ज कर रहा है। इस संवेदनशील मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में अब तक दो चिकित्सकों और दो नर्सों को निलंबित किया जा चुका है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ में भारी असंतोष व्याप्त है।
घटना के समय महिला अत्यधिक विचलित थी, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। जांच दल ने निष्पक्ष कार्रवाई के लिए मृतिका के परिजनों को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है, हालांकि वे अभी तक अस्पताल नहीं पहुंचे हैं।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने बताया कि मृतिका कल्पना मिश्र की स्थिति बेहद गंभीर थी। डिलीवरी के दौरान उनके प्लेटलेट्स काफी कम हो गए थे और ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया था, जिसके चलते उनकी और नवजात की मौत हो गई।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि घटना वाले दिन वार्ड में काम का अत्यधिक दबाव था और उस दिन 36 से अधिक डिलीवरी कराई गई थीं। मामले की तह तक जाने के लिए गठित 6 सदस्यीय संयुक्त जांच दल में प्रदेश के नामचीन चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं।
जांच टीम में डॉ. जी. एस. परिहार जॉइंट डायरेक्टर, रीवा हेल्थ डॉ. शबाना सुल्तान भोपाल डॉ. रेखा बाधवानी एचओडी, हमीदिया अस्पताल, भोपाल डॉ. श्वेता सेजकार प्रोफेसर, जबलपुर डॉ. शैलेंद्र नेमा जबलपुर डॉ. पंकज बुरधौलिया एनएचएम शामिल हैं।
कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसूता और नवजात बच्चे की मौत हो गई। सवाल है कि अगर समय रहते कल्पना की पुकार सुन ली जाती, तो मां और उसके नवजात की जान बच सकती थी।
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