रीवा में न्यूक्लियर प्लांट पर सियासी घमासान, उमंग सिंघार बोले- नहीं लगने दूंगा प्लांट, तहसीलदार को लगाई फटकार
जिले के सिरमौर क्षेत्र में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट का विरोध अब तेज हो गया है।
Publish Date: Sun, 25 Oct 2026 04:06:48 PM (IST)Updated Date: Sun, 25 Oct 2026 04:06:48 PM (IST)
गांव रोझौड़ी पहुंचे उमंग सिंघार, नईदुनियाHighLights
- न्यूक्लियर प्लांट का विरोध तेज..
- गांव रोझौड़ी पहुंचे उमंग सिंघार
- पीड़ित परिवार को दी सहायता राशि
नईदुनिया प्रतिनिधि,रीवा। जिले के सिरमौर क्षेत्र में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट का विरोध अब तेज हो गया है। जल सत्याग्रह के दौरान आदिवासी महिला विमला कोल की मौत के बाद मामला प्रदेश की सियासत में आ गया है।
रविवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार रोझौही गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी और कहा कि रीवा में न्यूक्लियर प्लांट नहीं लगने देंगे। इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाएगा।
तहसीलदार को लगाई फटकार
मुलाकात के दौरान सिंघार ने प्रशासन को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद तहसीलदार ललन और नायब तहसीलदार बिंदू तिवारी को फटकार लगाते हुए पूछा कि विमला कोल की मौत की रिपोर्ट अब तक क्यों नहीं भेजी गई।
इस पर तहसीलदार ने मौखिक रिपोर्ट भेजने की बात कही, जिस पर सिंघार ने नाराजगी जताई।इधर, विमला की मौत को लेकर बयानों में विरोधाभास है। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी का कहना है कि विमला की मौत गिरने से हुई और वह आंदोलन में शामिल नहीं थीं।
बोरिंग मशीनों का रुकवाया था काम
वहीं, पति जमुना कोल और ग्रामीणों का कहना है कि वह किसी खाई से नहीं गिरीं, बल्कि जल सत्याग्रह के दौरान तबीयत बिगड़ने से जमीन पर बैठ गईं और दम तोड़ दिया। बता दें कि टाटा पावर की इस प्रस्तावित परियोजना का सरई कला और रोझौही के ग्रामीण जमीन, पानी और पर्यावरण को लेकर विरोध कर रहे हैं।
9 अक्टूबर को बोरिंग मशीनों का काम ग्रामीणों ने रुकवा दिया था। अब इस मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा भी विरोध में हैं।