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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रीवा के अस्पताल में गर्भवती और उसके पेट में पल रहे बच्चे की मौत, परिजन बोले- दो दिन तक इलाज ही नहीं किया

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में लापरवाही के कई मामले सामने आए हैं। एक गर्भवती महिला और उसके बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज न करने और म...और पढ़ें

By Shyam MishraEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sun, 12 Oct 2025 12:35:58 PM (IST)Updated Date: Sun, 12 Oct 2025 12:39:07 PM (IST)
रीवा के अस्पताल में गर्भवती और उसके पेट में पल रहे बच्चे की मौत, परिजन बोले- दो दिन तक इलाज ही नहीं किया
संजय गांधी अस्पताल रीवा। फाइल फोटो

नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा। संजय गांधी अस्पताल में एक बार फिर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसमें एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। सतना से रेफर होकर आई दीपा गुप्ता पत्नी राजकुमार गुप्ता 36 वर्ष के परिजनों ने डॉक्टरों पर दो दिनों तक इलाज न करने और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। गत शनिवार को घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के गेट पर शव रखकर हंगामा किया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि महिला की हालत पहले से ही गंभीर थी।

2 दिन भर्ती रखा, इलाज नहीं किया

दीपा गुप्ता की मां ने रोते हुए बताया कि वे अपनी बेटी को सतना जिला अस्पताल से रेफर कराने के बाद यहां लाए थे। परिजनों का आरोप है कि यहां दीपा को दो दिनों तक वॉर्ड में सिर्फ लिटाकर रखा गया और कोई सही इलाज नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान अस्पताल में दीपा की मां के साथ मारपीट की गई और उसे एक खाली इंजेक्शन भी लगा दिया गया। परिजनों के मुताबिक, समय पर इलाज न मिलने के कारण ही दीपा और उसके अजन्मे बच्चे की मौत हुई है।


अस्पताल की सफाई- महिला को पीलिया था, हालत गंभीर थी

इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बताया है। सीएमओ डॉ यत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि महिला को जब सतना से यहां लाया गया था, तब उसे पीलिया था और उसे यूरिन भी नहीं आ रहा था। उसकी हालत बेहद गंभीर थी।

ऑपरेशन कर बच्चे को निकाला गया, लेकिन महिला का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया था, जिसके बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ने मारपीट के आरोप को भी पूरी तरह गलत बताया है।