
सीधी। जिले के सिहावल जनपद क्षेत्र के पोखरा झोरूटोला में बीते दो हफ्ते में पांच लोगों की मलेरिया बुखार से मौत हो गई है। मृतकों में बच्चे, युवती व प्रौढ़ शामिल है। इसके अलावा मलेरिया बुखार से पीड़ित पांच बच्चों को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
गांव में चालीस से अधिक बुखार के मरीज मिले हैं, गुरुवार को अस्पताल प्रबंधन ने गांव में शिविर लगाकर
पीड़ितों का इलाज शुरू कर दिया गया है। मलेरिया बुखार से हुई मौत की पुष्टि अस्पातल प्रबंधन नहीं कर रहा है। गांव में मलेरिया बुखार होने से लोग दहशत में है। मृतक परिवार के परिजनों को जिला प्रशासन ने 2 लाख 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी है।
गौरतलब हो कि पोखरा झोरू गांव में बुखार से रजनीश पिता बलिराज 03 वर्ष की पहली मौत 25 अक्टूबर को हुई है। इसके बाद एक-एक कर 14 दिन के भीतर रीना पिता धर्मजीत सिंह 18 वर्ष,नंदलाल पिता गोपाल 35 वर्ष, रमेश पिता चंदभान 10 वर्ष, महोबी पिता समान कोल 50 वर्ष
सभी निवासी पोखरा झोरूटोला
मौत हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार लालजी पिता नंदलाल सिह (5),हीरा सिंह पिता लाल सिंह (4),पवन पिता सूर्यभान (7), मनीष पिता शिवबहादुर सिंह 3 , शिव बहादुर पिता रामप्रसाद सिंह 3 को जिला अस्पताल में बुधवार की शाम भर्ती कराया गया है। जहां सभी को पीएफ मलेरिया बताया गया है। गुरूवार को हीरा सिंह को ब्लड चढ़ाया जा रहा है। बताया गया है कि इन सभी बच्चों को ब्लड की जरूरत है।
पहुंची टीम
गुरुवार को कलेक्टर विशेष गढ़पाले सहित जिला प्रशासन का अमला गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले। शिविर लगाकर गांव में इलाज शुरू कर दिया गया है बताया गया है कि गुरुवार सुबह 8 रीवा से डॉ.एनपी पाठक शिशु रोग विशेषज्ञ , डॉ आरआर मिश्रा मेडिकल स्पेस्लिट,डॉ अभय पाण्डेय डिविजनल प्रोग्रामर पहुंचकर पीड़ितों का इलाज किया।
तीन की सेवा समाप्त, दो निलंबित
कार्य में लापरवाही बरतने पर डॉ. महिमा तिवारी, विवेक तिवारी डाटा मैनेजर, संगीत साकेत एएनएम सभी की संविदा समाप्त कर दिया गया है। तो वहीं, बृजेन्द्र सिंह गौड़ एमपीडब्लू व सुपरवाइजर प्रजापति को निलंबत कर दिया गया है। बता दें कि जिला मलेरिया अधिकारी को एवं नोडल अधिकारी को कमिश्नर ने निलंबित कर दिया गया है।