
सीधी। जिले के मझौली विकासखंड भैसवाही टोला में मलेरिया बुखार कहर बनकर आया। बुखार से ग्रस्ति जहां परिवार की मां-बेटी की मौत हो गई थी, वहीं दो बेटिया जिला अस्पताल में खून की कमी से जूझ रही है। हालत यह है कि अगर जल्द ही ब्लड नहीं चढ़ाया गया तो उनकी हालत और भी खराब हो जाएगी। इन सबके अलावा प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।
गौरतलब हो कि मंगलवार को शिवराज सिंह पुत्र भगउता कोल अपनी पत्नी और दो बेटियों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली में एक साथ इलाज के लिए भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन सही इलाज नहीं मिलने के कारण बड़ी बेटी बीना कोल (19) व पत्नी फूलकली (42) की रास्ते में ही मौत हो गई। पुनिया (10) ,चंदी (8) पुत्री शिवराज कोल को जिला अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल कराया गया है। लेकिन ब्लड की कमी से पुनिया व चंदी जिदंगी और मौत से जूझ रही है। गौर करने की बात तो यह हैं कि मंगलवार की शाम से अब तक जिला अस्पताल प्रशासन ने ब्लड उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए है जिससे परिजन परेशान है।
ब्लड बैंक में उपलब्ध 24 यूनिट ब्लड
जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक में 24 यूनिट ब्लड उपलब्ध है। खास बात तो यह हैं सभी ग्रुफ का ब्लड भी है। निगेटिव में केवल बी व ओ उपलब्ध है। बैंक में भले ही सभी ग्रुफ हो लेकिन बिना डोनेट किए बगैर ब्लड नहीं मिल पाता है। जिससे कई मरीजों को जान भी गवानी पड़ती है। यह नियम कहीं न कहीं लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।
सागर में करते थे मजदूरी
पीड़ित परिवार सागर में मजदूरी का काम करते है। शनिवार को शिवराज अपने परिवार के साथ सागर से अपने गांव भैसवाही आया था। बताया गया हैं कि पूरा परिवार सागर मे ही बीमार हो गया था। जिससे वह गांव आकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मझौली में इलाज कराने आया था। लेकिन सही इलाज नहीं मिल पाने के कारण फूलकली एवं बीना की मौत हो गई है। बताया गया हैं कि भैसवाही गांव के साथ अमेढिया गांव के भी लोग मजदूरी करने सागर गए हुए है।
मंगलवार की शाम इलाज के लिए पुनिया व चंदी कोल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन इनकी हालत जस का तस बनी हुई है। डॉक्टर ने खून की कमी बताया है। दोनों को एक-एक यूनिट ब्लड चढाना है। लेकिन ब्लड की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। ब्लड बदले में मिलेगा। लेकिन हमारे पास ना तो पैसा है और ना ही ब्लड देने वाले कोई है। मुझे भी बुखार आ रहा है।
-शिवदास कोल, पीड़िता के चाचा।
मैं अभी बाहर हूं। मैं इस संबध में अभी बात करता हूं। यदि दोनों बुखार पीड़िता को ब्लड की आवश्यकता होगी तो अवश्य ब्लड दिया जाएगा। मलेरिया के कितने मरीज आ रहे है। इसकी जानकारी सीधी पहुंचने के बाद ही बता सकता हू।
-डॉ. डीके द्विवेदी, सिविल सर्जन जिला अस्पताल