
सीधी, नईदुनिया प्रतिनिधि। तेंदुआ के जबड़े से मां अपने बेटे को एक किमी पीछा कर बचा लाई। मां पर तेंदुआ ने दो बार वार किया है। इस घटना के बाद से आदिवासी क्षेत्र में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। साल भर के भीतर यह दूसरी घटना है। हालांकि इस दौरान दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में चल रहा है। इनकी हालत ठीक बताई गई है।
बता दें संजय टाइगर रिजर्व के बफर जोन टमसार रेंज अंतर्गत बाड़ीझरिया गांव में एक बैगा आदिवासी परिवार की किरण बैगा अपने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए रविवार शाम सात बजे घर के सामने अलाव जलाकर तीन बच्चों के साथ बैठी हुई थी। इसी दौरान पीछे से अचानक तेंदुआ आ आया और बगल में बैठे 8 वर्षीय बेटे राहुल को मुंह में दबाकर जंगल की ओर भाग गया।
काल के हाथों से बच्चे को निकाल कर नया जीवन देने वाली मां को प्रणाम। प्रदेश के सीधी जिले में तेंदुए का एक किमी दूर पीछा कर मां अपने कलेजे के टुकड़े के लिए उससे भिड़ गईं। मौत से टकराने का ये साहस ममता का ही अद्भुत स्वरूप है। मां श्रीमती किरण बैगा का प्रदेशवासियों की तरफ से अभिनंदन। pic.twitter.com/46Uuc0srx0
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) November 30, 2021
करीब एक किलोमीटर दूर तेंदुआ जंगल में ही एक जगह रुका और बालक को पंजों से दबोचकर बैठ गया था। इस दौरान महिला हिम्मत करके उसके पंजे से बच्चे को संघर्ष के बाद छुड़ाने में कामयाब हुई और फिर बच्चे को अपनी बांहों में कसकर लिपटा लिया। बच्चे को छुड़ाने के बाद दूसरी बार तेंदुआ फिर वार किया तब वह उसके पंजे को पकड़कर जोर से धकेल दी। तब तक में गाँव के लोग भी पहुँच गए और लोगों की भीड़ आते देख तेंदुआ वहां से जंगल की ओर भाग गया। महिला ने बताया कि इसके बाद वह बेहोश हो गई जब आँख खुली तो देखा कि अस्पताल पहुंच गई है।
दिन हो या रात डर के साए में रहते हैं लोग : किरण बताती है कि हम संजय टाइगर रिजर्व के बफर जोन में रहते हैं आए दिन इस तरह की घटनाएं होती हैं अक्सर हमें तेंदुआ कहे या भालू मिलते रहते हैं हम अपनी जान को बचाने के लिए भागते हैं। इस घटना के बाद से डर लग और अधिक हो गया है।
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हम आग ताप रहे थे। देखते ही देखते तेंदुआ बेटा को उठा ले गया। पीछा कर तेंदुआ से बेटे को बचा लाई। बेटा घायल है जिसका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है।
-असीम भूरिया, रेंजर संजय टाइगर रिजर्व टमसार