
नईदुनिया प्रतिनिधि, सीधी। कथित मतांतरण के मामले में जमोड़ी पुलिस ने नीलम दीक्षित और गीता दीक्षित को गिरफ्तार किया है। दोनों मेघदूत पार्क के पीछे, सीधी की निवासी हैं। पुलिस ने गुरुवार को उन्हें जिला न्यायालय में पेश किया, जहां से जिला जेल भेज दिया गया। पुलिस ने मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत कार्रवाई की है।
फरियादी रघुनाथ प्रजापति ने 12 अक्टूबर को जमोड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि मतांतरण के लिए दबाव डालने के साथ एक लाख रुपये, सरकारी नौकरी और मुफ्त शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रलोभन दिया गया। अन्य लोगों को जोड़ने पर प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये देने की बात भी कही गई।
मामला एमपीईबी सीधी कॉलोनी के पीछे एक निजी मकान में आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान हुए विवाद और मारपीट के बाद चर्चा में आया। सभा की सूचना पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता वहां पहुंचे थे। कथित मतांतरण गतिविधियों को लेकर विवाद हुआ और तीन कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
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पुलिस ने दोनों महिलाओं के विरुद्ध मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत कार्रवाई की। इसके बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला जेल भेज दिया गया। हालांकि, मतांतरण और प्रलोभन से जुड़े आरोप का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। - राघवेंद्र द्विवेदी, डीएसपी, सीधी।