सागर/खुरई (नवदुनिया न्यूज)। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत माडल स्कूल परिसर में विवाह सम्मेलन हुआ। जिसमें कुल 239 विवाह संपन्ना हुए। सम्मेलन में 221 परिणय सूत्र में बंधे तथा 18 ने निकाह किया। परिणय सूत्र में बंधने वालों में पांच दिव्यांग व चार कल्याणी भी शामिल रहे। मंत्री भूपेंद्र सिंह ने सपत्नीक वर-वधू के पैर पखारे। सभी को उपहार दिए गए। बारातियों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
विवाह सम्मेलन की तैयारियों जोरों शोरों से की गईं थीं। नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने अपनी पत्नी सरोज सिंह के साथ अहिरवार समाज की बेटी के पैर पखारकर विवाह सम्मेलन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बेटियां दो परिवारों को संभालने का कार्य करती हैं। आज की स्थिति में कोई भी बेटी बोझ नहीं है उसका संपूर्ण दायित्व मध्यप्रदेश शासन का है और मुख्यमंत्री यह दायित्व बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज मंडप में सामाजिक समरसता का एक अनोखा उदाहरण दिखा, जहां एक ही मंडप के नीचे सभी समाजों के बेटे बेटियों का विवाह एवं निकाह संपन्ना हुए। मंत्री ने बताया कि अब तक वह 951 बेटे-बेटियों का विवाह करा चुके हैं। सांसद राजबहादुर सिंह ठाकुर ने कहा कि पहले बेटी पैदा होने पर परिवार के लोग चिंतित हो जाते थे किंतु आज बेटी परिवार के लिए बोझ नहीं है। बीना विधायक महेश राय ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कन्याओं के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं। कलेक्टर दीपक आर्य ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। साथ ही बताया कि कार्यक्रम अंतर्गत शासन द्वारा 55 हजार की राशि स्वीकृत की गयी है। जिसमें 38 हार की सामग्री, 11 हार का चेक वर-वधू को प्रदान किया जा रहा है। सामग्री में आभूषण- पायल, बिछिया, बेंदी, डायनिंग टेबिल, 06 कुर्सी सहित, पलंग, रजाई, गद्दा, चादर, तकिया टीव्ही, रेडियो, पंखा तथा घड़ी सम्मिलित है।
इस अवसर पर लखन सिंह, राजकुमार सिंह धनोरा, राजेंद्र सिंह, हेमचंद बजाज, पीयूष, एसडीएम खुरई मनोज चौरसिया, एसडीएम मालथौन रोहित बमोरे सहित अन्य गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं 239 वर वधु के परिजन एवं जन समुदाय मौजूद था।
मालथौन में होगा अगला आयोजन
मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि कई लोग मुहुर्त सहित अन्य कारणों के कारण सम्मेलन में शामिल नहीं हो पाए। उनके लिए भड़रिया नवें पर मालथौन में सम्मेलन कराया जाएगा।
यह थी सम्मेलन में व्यवस्थाएं
विवाह सम्मेलन में व्यापक व्यवस्थाएं की गईं थीं। मंडप स्थल पर ठंडा पेय जल से लेकर ठंडी छाछ, स्वल्पाहार,चाय, खाना, वर वधु के लिए अलग-अलग जनवासा, घोड़ा, घोड़ा बग्गी अलग-अलग प्रकार के बैंड बाजे, शहनाई, कूलर, पंखे, पंडितों की व्यवस्था, वेदियां, खाम, पटलियां, वर वधु को उनके घर तक भेजने के लिए वाहनों की व्यवस्था भी की गई थी।