सागर। एक पुलिसकर्मी 400 स्कूली बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना बम को कंधे पर रखकर आधा किमी दूर ले गया। चितौरा गांव में हाई स्कूल के पीछे मिले बम को रविवार सुबह 11.30 बजे सेना के बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया। इससे आकाश में काला धुआं छा गया। बम का धमाका एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिसकर्मी को 50 हजार रुपये पुरस्कारस्वरूप देने की घोषणा की है।

सेना का यह मिस्ड बम शुक्रवार दोपहर 2.30 बजे लोगों ने स्कूल के पीछे घास में पड़ा देखा था। सूूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो प्रधान आरक्षक अभिषेक पटेल जान की परवाह किए बिना बम को उठाकर कंधे पर रखकर आधा किलोमीटर दूर ले गए और बम को खुले स्थान पर रख दिया था।

चितौरा गांव के पास बम्होरी बीका गांव से लगी बंजर जमीन पर आर्मी का फायरिग रेंज है। यहां जवानों को तोप, मोर्टार और अन्य हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता हैं। प्रशिक्षण के दौरान तोप व मोर्टार के कुछ गोले चलते नहीं हैं और दूर जाकर खेतों में गिर जाते हैं। ये मिसयूज की श्रेणी में आते हैं, जो अक्सर आसपास के खेत की मिट्टी में दबे गांव के लोगों को मिल जाते हैं।

बच्चों की चिंता थी इसलिए किया जोखिम भरा काम

बम को कंधे पर ले जाने वाले प्रधान आरक्षक अभिषेक पटेल का कहना है कि स्कूल के बच्चों और गांव के लोगों की चिंता थी। इसलिए बम को कंधे पर रखकर 500 मीटर दूर ले गया। काम जोखिम भरा था, लेकिन ऐसे साहसिक काम करने के मौके जिंदगी में कभी-कभी मिलते हैं। पुलिस का काम लोगों की सुरक्षा करना ही है। 10 साल में पहली बार ऐसा मौका आया। मैंने अपनी ड्यूटी की है।