नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। रानी दुर्गावती टाइगर रिर्जव (नौरादेही अभयारण्य) में कूनो राष्ट्रीय उद्यान से आए गए दो चीते नर थोलो और मादा सीसीबी-3 को बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिलीज किया। बुंदेलखंड के जंगलों में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
क्षेत्र में बाघ और तेंदुए के बाद यह पहली बार है कि अब चीते भी अपने नए प्राकृतिक आवास में पहचान बनाएंगे।
करीब 439 एकड़ में फैला क्षेत्र
सागर जिले के रहली ब्लाक स्थित मुहाली रेंज में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव चीतों का क्वारेंटाइन बाडे में चीतों को रिलीज किया। चीतों को रखने के लिए दो प्रकार के बाड़ों को तैयार किया गया हैं। पहले सुरक्षित बसाहट के लिए दोनों चीतों को क्वारेंटाइन बोमा (बाड़ा) में रखा जाएगा।
इस बाड़े का क्षेत्रफल कम है। यहां चीतों के स्वास्थ्य, व्यवहार, संभावित बीमारियों और नए स्थान में सर्वाइवल का आंकलन चीता मित्रों द्वारा किया जाएगा। 12 से 15 दिन तक क्वारेंटाइन में रखने के बाद चीतों को साफ्ट रिलीज बोमा में शिफ्ट किया जाएगा। साफ्ट रिलीज बोमा का क्षेत्रफल करीब 439 एकड़ का होगा।
छह लेयर इलेक्ट्रिक पल्स तार से सुरक्षा
चीतों के लिए मुहाली रेंज के जिस क्वांरेटाइन बाडे में रखा गया है। उनकी ऊंचाई 10 फीट है। जबकि साफ्ट रिलीज बाडे की ऊंचाई 14 फीट है। इन वाडों में छह लेयर में इलेक्ट्रिक पल्स तार लगाए गए है। ताकि अन्य जंगली जानवरों से सुरक्षा की जा सके।
इसलिए चुना मुहाली रेंज
वीडीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि मुहाली रेंज में खुले घास के मैदान हैं। यहां घने पेड भी हैं। बाघ और तेंदुएं आम पर शिकार के चलते वे मैदानी क्षेत्र में आ जाते हैं, लेकिन वे खुले मैदान में रहना पंसद नहीं करते है। चीतों के सर्वाइव (बचे रहने के लिए) यह उपयुक्त क्षेत्र है।
महत्वपूर्ण है नौरादेही अभयारण्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नौरादेही अभयारण्य इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर उद्यान में चीतों के लिए लिए अलग से स्थान दिया गया है। वहां जो तेदूंए थे उन्हें पकड़कर अलग रखा गया है।
जबकि रानी दुर्गावती नौरादेही अभयारण्य वन्य जीवों के लिए एक मात्र ऐसा घर है। जहां बाघ, तेदुएं पहले से मौजूद थे, उनके साथ चीते भी छोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले महीने दो और चीते यहां भेजे जाएंगे।
कांग्रेस पर साधा निशाना
उन्होंने पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरानी सरकार में पता नहीं क्या होता था। चीतों तो छोड़ो, टाइगर भी गायब होने लगे थे। जंगल के जंगल खराब कर दिए। अब हमारे जंगल फिर से आबाद हो रहे हैं। मप्र में गिद्दों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस चीता प्रोजेक्ट को वर्ष 2022 शुरू किया गया था।
अब मप्र में 60 से ज्यादा चीते
02 चीते - नर थोलो और मादा सीसीबी-3
12-15 दिन - क्वारेंटाइन अवधि
439 एकड़ - साफ्ट रिलीज बोमा का क्षेत्रफल
10 फीट - क्वारेंटाइन बोमा की ऊंचाई
14 फीट - साफ्ट रिलीज बोमा की ऊंचाई
06 लेयर - इलेक्ट्रिक पल्स तार की सुरक्षा
02 और चीते - अगले महीने लाने की घोषणा