मालथौन (नवदुनिया न्यूज)। जैन मंदिर में चल रहे कल्पद्रुम महामंडल विधान में 12 पूजन सम्पन्ना हुए। आज यहां दिग्विजय यात्रा निकलेगी। विधान के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा नाटिका प्रस्तुत की गई। जिसमें पर्यावरण का महत्व बतलाया गया।
आर्यिका श्रेष्ठ विज्ञानमति माता जी के सानिध्य में चल रहे कल्पद्रुम महामंडल विधान के चौथे दिवस बड़ी संख्या में श्रावक गण शामिल हुए। ब्रह्मचारी विजय भैया के मार्गदर्शन में कल्पद्रुम महामण्डल विधान में 12 पूजन सुबह और दोपहर में सम्पन्ना हुए। समोशरण में महापात्र, इन्द्र इंद्राणियों ने 210 अर्घ्य समर्पित किए। प्रभात बेला में श्रीजी का अभिषेक पूजन किया गया। इसके उपरांत सुख समृद्धि, जीव कल्याण की मंगल भावना से आर्यिका श्री आदित्यमति माताजी के मुखारविंद से मंत्रोउच्चरण कर शांति धारा सम्पन्ना हुई। विधानपूजन उपरांत आर्यिका श्रेष्ठ विज्ञानमति माता जी ने पर्यावरण और वृक्षों का धर्म सभा मे महत्व समझाया। दोपहर में हरे भरे पेड़ पौधों पर नाटिका का मंच से मंचन किया गया। नाटिका माध्यम से पर्यावरण के प्रति बताया गया है। पर्यावरण मनुष्य जीवन का आधार है। पेड़ पौधों से वातावरण साफ स्वच्छ रहता है। वन वर्षा के उत्तर दायीं हैं। पेड़ पौधों से प्राण वायु मिलती है।
भक्ति में शक्ति है
शाम को श्रीजी की भव्य महाआरती हुई। भक्ति में शक्ति आधारित नाटिका का मंचन हुआ है। उसके माध्यम से बताया गया कि ईश्वर की भक्ति में कितनी शक्ति है। व्यक्ति को आत्मकल्याण के मार्ग को धारण करना चाहिए। आज रविवार को विधान के पंचम दिवस दिग्विजय यात्रा बड़ी धूम धाम से नगर के प्रमुख रास्तों से निकलेगी। विधान के महापात्र रथों और बग्गी में सवार होकर चलेंगे।