
नवदुनिया प्रतिनिधि, सागर। वाहन पार्क करने को लेकर हुए विवाद में पत्थर, लाठी और डंडों से क्षतिग्रस्त की गई हुंडई क्रेटा का बीमा क्लेम निरस्त करना बीमा कंपनी को महंगा पड़ा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग सागर ने बीमा कंपनी की इस दलील को खारिज कर दिया कि वाहन दो पक्षों के आपसी विवाद में जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया गया था, इसलिए बीमा राशि का भुगतान नहीं किया जा सकता। आयोग ने वाहन मालिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए दो लाख छह हजार 309 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
मामला अप्रैल 2025 का है। वाहन पार्क करने को लेकर हुए विवाद में महेश बड़गान के पुत्र सूर्या बड़गान की हुंडई क्रेटा क्रमांक एमपी 04 सीवाय 9455 को सिविल कान्ट्रेक्टर अजय लोधी और उनके कर्मचारियों द्वारा पत्थरों, लाठी और डंडों से क्षतिग्रस्त किए जाने की बात सामने आई थी। घटना के बाद पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई।
इसके बाद वाहन मालिक ने बीमित वाहन का क्लेम दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के समक्ष प्रस्तुत किया। बीमा कंपनी ने क्लेम यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि वाहन को हुआ नुकसान किसी दुर्घटना का परिणाम नहीं, बल्कि दो पक्षों के बीच हुए आपसी झगड़े के दौरान जानबूझकर किया गया है।
कंपनी के इस फैसले के खिलाफ महेश सिंह ठाकुर की ओर से अधिवक्ता पवन नन्होरिया ने जिला उपभोक्ता आयोग में पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष राजेश कुमार कोष्टा ने बीमा पॉलिसी की शर्तों का परीक्षण किया। आयोग ने माना कि पॉलिसी में द्वेषपूर्वक कारित की गई क्षति भी बीमित जोखिम के अंतर्गत आती है।
आयोग के अनुसार, यदि वाहन मालिक की ओर से दूसरे पक्ष को उकसाया नहीं गया और विरोधियों ने अचानक हमला कर वाहन को क्षतिग्रस्त किया, तो ऐसी क्षति को बीमा कवरेज से बाहर नहीं किया जा सकता।
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आयोग ने बीमा कंपनी को वाहन की मरम्मत एवं क्लेम राशि के रूप में दो लाख छह हजार 309 रुपये रुपये, दो जुलाई 2025 से भुगतान की तारीख तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के आदेश दिए। इसके अलावा मानसिक परेशानी और सेवा में कमी के लिए 50 हजार रुपये तथा प्रकरण व्यय के रूप में दो हजार रुपये का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।