400 रुपये किलो में बेच रहा था मिलावटी घी; सागर में डॉक्टरों ने पकड़ा, खाद्य विभाग ने लैब भेजे सैंपल
मोतीनगर स्थित शासकीय संभागीय पशु चिकित्सालय में नकली घी बेचने का मामला सामने आया। अस्पताल में डॉक्टरों की सतर्कता युवक को पकड़ा गया और पुलिस के हवाले ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 08 Aug 2026 04:22:54 PM (IST)Updated Date: Sat, 08 Aug 2026 04:22:54 PM (IST)
मोतीनगर थाने में खाद्य विभाग द्वारा आरोपी से लिए गए घी के सेम्पल। नईदुनिया।HighLights
- सागर में नकली घी बेचने वाला पकड़ा गया
- पशु चिकित्सालय में डॉक्टरों को बेच रहा था
- पुलिस और खाद्य विभाग ने की कार्रवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। मोतीनगर स्थित शासकीय संभागीय पशु चिकित्सालय में नकली घी बेचने पहुंचे एक युवक को डॉक्टरों की सतर्कता से पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले में खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घी के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
वहीं अस्पताल के एक कर्मचारी ने आरोपी के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग भी की है।
जानकारी के अनुसार ग्राम आमेठ निवासी जितेंद्र घोषी नाम का एक लड़का शुक्रवार को शासकीय पशु चिकित्सालय पहुंचा और वहां मौजूद डॉक्टरों से घी खरीदने की बात करने लगा। वह एक किलो घी 400 रुपये में बेचने का प्रस्ताव दे रहा था।
आरोपी को थाने ले गई पुलिस
अस्पताल में पदस्थ डॉ. अनुज शर्मा ने घी को देखा तो उसकी गुणवत्ता संदिग्ध लगी। इस पर उन्होंने तत्काल मोतीनगर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी शीतल सिंह भी मोतीनगर थाने पहुंचे और आरोपी के पास मिले घी के नमूने लेकर जांच के लिए सुरक्षित किए। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कम कीमत से हुई शंका
डॉ. शर्मा ने लिखित आवेदन देकर बताया कि कुछ दिन पहले इसी युवक ने उसे तथा अस्पताल में पदस्थ एवीएफओ डॉ. शिखा भारतीय को दो-दो किलो घी 600 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा था। बाद में घी की गुणवत्ता पर संदेह होने पर उसकी जांच कराई गई, जिसमें मिलावट की आशंका सामने आई।
शिकायतकर्ता ने आवेदन के साथ वीडियो रिकार्डिंग उपलब्ध कराई गई है। शिकायत में मांग की गई है कि घी के नमूनों की प्रयोगशाला से जांच कराई जाए, मिलावट की पुष्टि होने पर आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा खरीदे गए घी की राशि वापस दिलाई जाए।