सागर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना संक्रमण की दर घटाने के लिए शनिवार को पुलिस ने बहुत सख्ती की। इससे दूध बांटने वाले भी अछूते नहीं रहे। दूधवाले सौ-सौ रुपये का जुर्माना भरने के बाद भी शहर में दूध बेचने आए। दूधवालों का कहना है कि दूध प्रत्येक घर में बहुत जरूरी है। कई परिवार ऐसे हैं, जहां छोटे-छोटे बच्चे दूध पर ही आश्रित हैं। वहीं कोरोना संक्रमण के दौरान कई परिवार सुबह-शाम दूध पी रहे हैं। कई लोग गर्म दवाएं खा रहे हैं, ऐसे में दवा के बाद उन्हें दूध बहुत जरूरी होता है। यदि दूध न मिले तो दवा की गर्मी से वे बेहाल हो जाएंगे।
पुलिस व प्रशासन की पाबंदी को लेकर जब कुछ दूधवालों से बात की तो उन्होंने कहा कि हम प्रशासन को जुर्मानाभर सकते हैं, लेकिन जहां वे दूध देते हैं, वहां तक दूध पहुंचाने उनका पहला दायित्व है। एक दूध वाले ने बताया कि वे चार से पांच ऐसे परिवारों में गाय का दूध देते हैं, जहां छोटे-छोटे बच्चे हैं। यदि आज उनके यहां दूध नहीं पहुंचा तो बच्चे भूखे रह जाएंगे। वहीं कई परिवारों में दवाएं चल रही हैं। दवा दूध के साथ ही खाना पड़ती है। वहीं प्रशासन द्वारा दूधवालों पर टोटल लॉकडाउन के तहत लगाई पाबंदी को शहर वालों ने बहुत ही गलत बताया। वैशाली नगर निवासी जेएस शुक्ला ने बताया कि सब्जी, फल व दूध बेचने वालों पर पाबंदी लगाया जाना बहुत गलत है। यदि चार दिन कहीं दूध नहीं जाएगा तो कई बच्चे जिन्हें दूध की बहुत जरूरत होती है। परेशान हो जाएंगे। दूध सभी के घरों में जरूरी है। इसीलिए इस पर सख्ती हटना चाहिए।
क्या बोले दूध वाले
कई छोटे बच्चों का गाय को दूध लाता हूं
मैं करीब पचास सुबह-शाम की शिफ्ट में पचास से साठ घरों में दूध बांटता हूं। पांच ऐसे घर हैं जहां छोटे बच्चों के लिए गाय का दूध मंगाया जाता है। एक जगह जुड़वा भाई हैं। यदि उन घरों में दूध नहीं गया तो बच्चे भूखे रह जाएंगे। इसी वजह से मैं सौ रुपये का जुर्माना भरने के बाद भी दूध बांटने आया। हालांकि गोपालगंज में लाल स्कूल के पास पुलिस ने सख्ती दिखाई। इसके बाद सौ रुपये का जुर्माना लिया और जाने दिया।
कैलाश यादव, दूध बांटने वाले
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कई परिवार बीमारी से उबरे हैं, वहां दूध जरूरी
मैं रतौना से गोपालगंज क्षेत्र में दूध बांटना आता हूं। कई परिवार ऐसे हैं जो कुछ दिन पहले बीमारी से उबरे हैं। उनके यहां दूध की जरूरत प्रतिदिन है। कुछ लोगों को दवाएं लेने के बाद दूध बहुत जरूरी होता है। यदि दूध न लें तो दवा गर्म कर सकती है। इसीलिए दूध बांटने आया हूं। कई जगह उसे रोका गया, लेकिन कारण बताने पर जाने दिया।
हरिचरण यादव, रतौना निवासी