
नवदुनिया न्यूज, त्योंदा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगातार लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में उपचार लिए लाए गए सहकारी समिति प्रबंधक देवी सिंह कुशवाहा की अचानक मौत पर परिजन और उनके चाहने वालों में आक्रोश व्याप्त है।
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स्वजन का आरोप है कि अस्पताल में आक्सीजन उपलब्ध न होने और समय पर एंबुलेंस उपलब्ध न आने के कारण उनकी मौत हुई है। निजी वाहन से उपचार के लिए उन्हें विदिशा ले जाया गया था। जहां डाक्टरों ने उन्हें अमृत घोषित कर दिया। विदिशा अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को उनके गृह ग्राम में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
अनुज शर्मा का आरोप है कि समिति प्रबंधक देवी सिंह कुशवाहा की अचानक तबीयत बिगड़ी थी तत्काल त्योंदा अस्पताल लाया गया अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं थी। सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उस समय आक्सीजन भी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्हें विदिशा रेफर कर दिया गया। लेकिन 30 मिनट इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई।
तब स्वयं अपनी निजी कार से उन्हें विदिशा ले जाया गया ड्यूटी रात चिकित्सक से आक्सीजन सिलेंडर गाड़ी में उपलब्ध कराने मिन्नत की लेकिन सिलेंडर खोलने पाना ना होने का बहाना कर आक्सीजन सिलेंडर नहीं दिया गया। यदि सिलेंडर समय पर उपलब्ध हो जाता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।
अस्पताल में हुई लापरवाही को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश भड़क रहा है। यहां के निवासियों का कहना है कि अस्पताल में इतनी अनियमित है। कि मरीज को पर्याप्त उपचार नहीं मिलता स्टाफ की कमी है। पर्याप्त चिकित्सा भी नहीं है। कई बार मांग भी की जा चुकी लेकिन अभी तक व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गई है।
अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया था हार्ट अटैक जैसी स्थिति थी। आक्सीजन भी लगाई गई थी। गंभीर स्थिति को देखते हुए विदिशा रेफर किया गया था। एंबुलेंस बुलाई गई थी । लेकिन परिजन निजी वाहन से विदिशा ले गए। विदिशा में पोस्टमार्टम भी कराया गया। त्योंदा अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में सारे तथ्य उपलब्ध है। - डॉ. निलेश गुर्जर आरएमओ त्योंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।