• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • सागर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sagar News: गेहूं पिसाने चक्की गई किशोरी, गर्दन पट्टे में फंसकर हुई अलग

एएसआई रामलाल अहिरवार पुलिस बल के साथ पहुंचे, जहां शव का पंचनामा बनाकर शव को शाहगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पीएम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया है...और पढ़ें

By Shatrughan KesharwaniEdited By: Lalit Katariya
Publish Date: Sun, 06 Oct 2024 08:00:37 PM (IST)Updated Date: Sun, 06 Oct 2024 09:42:13 PM (IST)
Sagar News: गेहूं पिसाने चक्की गई किशोरी, गर्दन पट्टे में फंसकर हुई अलग
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त चक्की और उसमें फंसा किशोरी का दुपट्टा।

नवदुनिया प्रतिनिधि, सागर। छानबीला थाना क्षेत्र के इमलाखेड़ा में चक्की में गेहूं पिसाने गई किशोरी हादसे का शिकार हो गई। किशोरी का दुपट्टा चक्की के पट्टे में फंस गया, जिसके बाद किशोरी के धड़ से गर्दन अलग हो गई दूर जा फिकी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा बनाया और उसे पीएम के लिए भेजा। हादसे की जांच की जा रही है।

जानकारी के अनुसार इमलाखेड़ा निवासी राजबहादुर की 16 वर्षीय बेटी अनामिका मोहल्ले में ही अपने बड़े पापा नन्हे सिंह के यहां लगी चक्की में रविवार को गेहूं पिसाने के लिए गई हुई थी। यह चक्की उनके घर की थी, जिसमें परिवार और परिचित के लोग ही गेहूं पिसाते थे। इसलिए चक्की चलाने के लिए कोई कर्मचारी नहीं था। घर के लोग ही स्वयं चक्की चलाकर गेहूं पीस लेते थे।


रविवार को सुबह करीब साढ़े ग्याहर बजे अनामिका गेहूं लेकर चक्की में गई। जहां उसके बड़े पापा की बेटी मौजूद थी। चूंकि चक्की चार पांच दिन से चली नहीं थी, तो बड़े पापा की बेटी ने चक्की चालू कर दी। अनामिका चक्की के पाटो के बीच और वहां से बाहर निकलने वाले आटे के थैले से पुराना आटा साफ करने लगी।

सफाई के बाद जैसे ही उसने चालू चक्की में डालने के लिए बोरी में लाए गेहूं को उठाने नीचे झुकी वैसे ही चालू चक्की के पट्टे में अनामिका के गले में डला दुपट्टा उसमें फंस गया और एक सेकेंड में अनामिका की गर्दन चक्की के पट्टे में जा घुसी, जिसके बाद गर्दन धड़ से अलग हो गई। हादसे के कारण चक्की क्षतिग्रस्त हो गई। मशीन के कलपुर्जे अलग हो गई। आसपास की दीवारें खून से रंग गई।

पट्टे में फंसने के कारण तेज आवाज आई। जिसके बाद चक्की के बाहर ही बाड़े में बैठे करण सिंह, बहादुर, राज बहादुर, नन्हें भाई दौड़ कर गए, जहां चक्की के पास अनामिका गिरी हुई दिखाई दी और गर्दन धड़ से दूर थी। हादसे के बाद तुरंत घर की औरतें और पुुरुष आ गए। चीख पुकार मच गई। तुरंत चक्की को बंद किया गया।

अनामिका कक्षा 10वीं में पढ़ती थी। अपने घर में तीन बहनों में सबसे छोटी थी। तीन बहनों का एक भाई भी है। जो सबसे छोटा है। घर में पिता खेती किसानी करते हैं। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर थाने से एएसआई रामलाल अहिरवार पुलिस बल के साथ पहुंचे, जहां शव का पंचनामा बनाकर शव को शाहगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पीएम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया है। मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है।