ChatGPT से लिखे जवाबों ने खोली पोल! सागर यूनिवर्सिटी ने निजी कॉलेज के रिजल्ट रोके, सामूहिक नकल की जांच शुरू
सागर विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी कॉलेज के छात्रों पर चैटजीपीटी से सामूहिक नकल का आरोप लगा। विश्वविद्यालय ने परिणाम रोके, जांच समिति गठित की और कॉलेज ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 29 Jul 2026 09:56:14 PM (IST)Updated Date: Wed, 29 Jul 2026 09:56:14 PM (IST)
ChatGPT से लिखे जवाबों ने खोली पोल। (फाइल फोटो)HighLights
- चैटजीपीटी से लिखे उत्तर, सामूहिक नकल का मामला सामने आया।
- निजी कॉलेज के सभी परीक्षा परिणाम फिलहाल रोक दिए गए।
- तीन विषयों में समान उत्तर मिलने पर जांच शुरू हुई।
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में कापी जांचने के दौरान छिंदवाड़ा के सौंसर स्थित एक निजी कालेज के विद्यार्थियों द्वारा चैट जीपीटी के माध्यम से सामूहिक नकल करने का चौकाने वाला मामला सामने आया है। यह मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय द्वारा कालेज के सभी परीक्षा परिणाम पर रोक लगा दी है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार मई माह में डा. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 17 महाविद्यालयों में दूसरे, चौथे और छटवे सेमेस्टर की परीक्षाएं हुई थी। केंद्रीय मूल्यांकन प्रणाली के तहत सभी उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए सागर विश्वविद्यालय भेजी गई हैं।
इस दौरान अर्थशास्त्र विषय की एक कॉपी जांचते समय शिक्षक को उत्तर के अंत में लिखा मिला कि पूरे उत्तर का वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें। यह देखकर शिक्षक हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत परीक्षा नियंत्रक को इसकी जानकारी दी। इसके बाद जब उसी कॉलेज की अन्य कॉपियों की जांच की गई तो सामने आया कि अधिकांश छात्रों ने लगभग एक जैसे उत्तर ही लिखे हैं।
तीन अन्य विषय में भी सामूहिक नकल के संकेत
- प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि उत्तर चैट जीपीटी से कापी किए गए थे। इतना ही नहीं यह मामला केवल एक विषय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तीन विषयों में इसी तरह की सामूहिक नकल के संकेत मिले हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छिंदवाड़ा के सतपुड़ा कालेज आफ इन्फार्मेशन एंड बायोटेक्नोलाजी के सभी परीक्षा परिणाम रोक दिए हैं। वहीं विश्वविद्यालय और अन्य संबद्ध महाविद्यालयों के परिणाम पहले ही जारी किए जा चुके हैं। जांच के लिए कमेटी बनाई
- सामूहिक नकल के मामले में कालेज प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। इस संबंध में एक समिति बनाई गई है जो जांच करके अपनी रिपोर्ट देगी।
- जांच रिपोर्ट के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने, परीक्षा केंद्र बदलने या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। जांच के बाद ऐसे विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा, जो नकल प्रकरण में दोषी नहीं होंगे। वहीं आगामी सत्र से उस कालेज में परीक्षा नहीं कराके दूसरे सरकारी कालेज में कराए जाएंगे। डॉ. विवेक जायसवाल, मीडिया अधिकारी डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय