• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • सागर

सागर में अनोखा फर्जीवाड़ा: कागजों पर खरीद लिया 378 टन मक्का; फर्जी गोदाम दिखाकर 77 लाख की ठगी, 4 पर FIR

सत्यापन में दस्तावेजों में दर्ज शांडिल्य वेयरहाउस और उसमें बताया गया मक्का स्टाक मौके पर नहीं मिला; किरायानामे और सर्वेयर रिपोर्ट भी संदिग्ध मिली।

By Amit MishraEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 05 Sep 2026 11:01:32 PM (IST)Updated Date: Sat, 05 Sep 2026 11:01:32 PM (IST)
सागर में अनोखा फर्जीवाड़ा: कागजों पर खरीद लिया 378 टन मक्का; फर्जी गोदाम दिखाकर 77 लाख की ठगी, 4 पर FIR
प्रतीकात्मक फोटो।

HighLights

  1. कागजों पर 378 टन मक्का की खरीदी
  2. 76.31 लाख रुपये का भुगतान किया गया
  3. किरायानामे और सर्वेयर रिपोर्ट भी संदिग्ध मिली

नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। जिले के देवरी ब्लाक से एक वेयरहाउस चोरी हो गया है। उसमें 378 टन मक्का रखा था, जिसे पिछले साल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया था।इस मक्के की कीमत 76 लाख 31 हजार रुपये है।

अब भरतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) भोपाल के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने इस खरीदी और प्रमाणन की प्रक्रिया से जुड़े चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया है।

27 किसानों के नाम पर खरीदी

दरअसल, देवरी की फूड गार्ड फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) ने एनसीसीएफ के पोर्टल पर 27 किसानों से मक्का खरीदी दर्शाई। इनमें 17 किसानों के नाम पर 3430 क्विंटल मक्का (378 टन) की राशि करीब 76.31 लाख रुपये एनसीसीएफ मुख्यालय से सीधे उनके खातों में भेजी गई।

वहीं 10 किसानों के नाम पर करीब 34.84 लाख रुपए का भुगतान माल का सत्यापन नहीं होने के कारण रोक दिया गया था।

भौतिक सत्यापन से हुआ खुलासा

जुलाई 2025 में एनसीसीएफ अधिकारियों ने देवरी पहुंचकर खरीदे गए मक्के का भौतिक सत्यापन किया तो फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगीं। दस्तावेजों में जिस शांडिल्य वेयरहाउस में मक्का का स्टाक बताया गया था, मौके पर न तो वेयरहाउस मिला और न ही मक्का का स्टाक।


मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन से भी इस नाम के वेयरहाउस का पंजीयन नहीं मिला। इस मामले में एनसीसीएफ की मैनेजर अर्पणा सिंह द्वारा शिकायती आवेदन दिया था।

मकान को बताया वेयरहाउस

पुलिस की जांच में सामने आया कि फूड गार्ड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्ट मनीष पटेल ने अपने ही मकान को वेयरहाउस बताकर कंपनी के नाम किरायानामा तैयार कर लिया।

वहीं शांडिल्य वेयरहाउस के नाम से तैयार दूसरे किरायानामे में 81 वर्षीय जगदीश प्रसाद के कथित फर्जी हस्ताक्षर और सील का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि किरायानामे में जिस स्टाम्प का इस्तेमाल किया गया, वह किरायानामे की तारीख के बाद खरीदा गया था।

यह भी पढ़ें- फर्जी IAS तृप्ति सिंह मामले में बड़ा खुलासा; वायरल वीडियो में खुद को अफसर बताने वाली युवतियां भी निकलीं पीड़िता, रटवाई थी स्क्रिप्ट

ऐसे सर्वेयर की रिपोर्ट जो नियुक्त ही नहीं था

वेयरहाउस के सत्यापन के लिए भी फर्जीवाड़ा हुआ था। एनसीसीएफ के पोर्टल पर एनसीसीएफ इंदौर की सील-साइन और एजीनेक्स्ट कंपनी की सर्वेयर रिपोर्ट अपलोड की गई।

जांच में पता चला कि देवरी केंद्र पर एजीनेक्स्ट का कोई सर्वेयर नियुक्त ही नहीं था। पुलिस अब दस्तावेजों, भुगतान और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

इनको बनाया है आरोपी

- मनीष पटेल, संचालक, फूड गार्ड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी

- अतिशय जैन, सहायक संचालक, फूड गार्ड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी

- युक्ति कंपनी, हैदराबाद, मक्का खरीदी के लिए एनसीसीएफ से अनुबंध

- राहुल कुमार ओझा, जोनल मैनेजर, युक्ति कंपनी हैदराबाद

मामले में चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। इसमें कुछ और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। अभी मामले की जांच जारी है। - समरथ सीनम, उपनिरीक्षक, देवरी थाना

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।