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सतना के माधवगढ़ में 40 मीटर चौड़ी नदी में ड्रोन की सहायता से सुधारा 11 केवी बिजली लाइन का फॉल्ट

स्थिति को देखते हुए लाइन हेल्पर अमित सिंह और जूनियर इंजीनियर शरद तिवारी ने जोखिम कम करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया। स्थानीय लोगों क...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 09:47:01 PM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 09:47:01 PM (IST)
सतना के माधवगढ़ में 40 मीटर चौड़ी नदी में ड्रोन की सहायता से सुधारा 11 केवी बिजली लाइन का फॉल्ट
तार में आग लगाकर जाल तक ले जाता ड्रोन। वीडियो ग्रैब

HighLights

  1. मछली पकड़ने के जाल ने बिजली विभाग की मुश्किल बढ़ाई
  2. भटनवारा-सोनवर्षा 11 केवी बिजली लाइन में फंसा था जाल
  3. तेज धार के कारण नाव एक स्थान पर रोकना मुश्किल हो रहा था

नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। जिले के माधवगढ़ क्षेत्र में चकदही घाट पर करीब 40 मीटर चौड़ी नदी में फंसे मछली पकड़ने के जाल ने बिजली विभाग की मुश्किल बढ़ा दी। जाल भटनवारा-सोनवर्षा 11 केवी बिजली लाइन में फंसने के कारण लाइन में फॉल्ट हो गया और आसपास के गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

जाल हटाकर बिजली आपूर्ति बहाल की गई

तेज बहाव के बीच जाल निकालने के लिए कर्मचारियों ने पहले नाव का सहारा लिया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद ड्रोन की मदद से जाल हटाकर बिजली आपूर्ति बहाल की गई।

तेज बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया था

बताया गया कि 17 सितंबर को हुई तेज बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया था। इसी दौरान मछली पकड़ने का जाल बहाव में फंसकर बिजली लाइन तक पहुंच गया। 24 सितंबर तक लगातार बारिश के कारण नदी का बहाव और तेज हो गया। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने नाव के जरिए जाल हटाने का प्रयास किया, लेकिन तेज धार के कारण नाव को एक स्थान पर रोकना मुश्किल हो रहा था।


ड्रोन में तार और आग लगाकर पहुंचाया जाल तक

स्थिति को देखते हुए लाइन हेल्पर अमित सिंह और जूनियर इंजीनियर शरद तिवारी ने जोखिम कम करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया। स्थानीय लोगों की मदद से ड्रोन के जरिए तार और आग जाल तक पहुंचाई गई। आग की वजह से जाल जलकर अलग हो गया और बिजली लाइन से हट गया।

लाइन की फॉल्ट दूर किया, आपूर्ति बहाल कर दी

इसके बाद कर्मचारियों ने लाइन की जांच कर फॉल्ट दूर किया और मुख्य लाइन से बिजली आपूर्ति बहाल कर दी।डीसी प्रभारी शरद तिवारी के अनुसार नदी में पानी का बहाव काफी तेज था। ऐसे में कर्मचारियों को पानी में उतारकर काम कराना जोखिम भरा था। तकनीक का इस्तेमाल कर सुरक्षित तरीके से जाल हटाया गया। बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद आसपास के ग्रामीणों को राहत मिली।

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