नईदुनिया प्रतिनिधि, चित्रकूट। मानिकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत काली घाटी जंगल में शुक्रवार की रात पुलिस और भैंस चोर गिरोह के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान दोनों ओर से चली गोलियों में दो बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए, वहीं एसओजी का जवान ज्ञानेश मिश्रा भी चोटिल हुआ।
पुलिस ने मौके से पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जिनके पास से एक हुंडई आई-20 कार और दो तमंचे बरामद किए गए। पकड़े गए अपराधियों में चार सतना जिले के और एक कौशांबी जिले का रहने वाला है।
पुलिस अधीक्षक चित्रकूट अरुण कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक गिरोह जंगल में आवारा भैंसों को चुराकर वाहनों में भरकर ले जाने की फिराक में है। इस सूचना के बाद मानिकपुर, सरैया, मारकुंडी, शहर कोतवाली कर्वी और एसओजी टीम को अलर्ट किया गया। कुछ जवान सादी वर्दी में और कुछ सादी वेशभूषा में तैनात किए गए।
करीब तीन बजे UP-112 पर सूचना मिली कि गांव में पाले गए जानवर खोल लिए गए हैं। इसी बीच गिरोह एक कार से इलाके की रेकी कर रहा था और कंटेनर में भैंसों को भरने की तैयारी में था। पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश घायल हो गए और बाकी तीन को दबोच लिया गया।
घायल चोरों में नूर आलम पुत्र मोहम्मद लाला (35), निवासी अलीगंज थाना कोखराज कौशांबी और जाफर अली पुत्र जाहिद अली (27), निवासी खुशी गली नं. 1, मस्जिद के पास, सिटी कोतवाली सतना शामिल हैं। दोनों का इलाज मानिकपुर सीएचसी में चल रहा है। अन्य पकड़े गए बदमाश हैं।
मोहम्मद अयान पुत्र मोहम्मद असलम (20), निवासी नईबस्ती नजीराबाद कोतवाली सतना, अंकुल यादव पुत्र गुलाब यादव (20), निवासी नया गांव थाना सभापुर सतना और विजय सिंह चौहान पुत्र जगतपाल सिंह (35), निवासी मुख्तियारगंज सतना। पुलिस ने बताया कि सभी बदमाशों का आपराधिक इतिहास है।
पुलिस की घेराबंदी के दौरान कुछ बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले। इन्हें पकड़ने के लिए सुबह तक कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया गया। फिलहाल भागे हुए आरोपियों की तलाश जारी है।
एसपी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि गिरोह के सभी सदस्य शातिर अपराधी हैं और इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बड़ी वारदात को रोका जा सका।