• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • सतना

MP के सतना और मैहर में गैस सिलेंडर की किल्लत, 5 लाख घरों के चूल्हे ठंडे पड़ने की कगार पर

त्योहारी और विवाह सीजन शुरू हो चुका है, जिससे गैस की मांग और बढ़ रही है। सबसे अधिक असर सतना शहर, मैहर और चित्रकूट में देखा जा रहा है, जहां हजारों परिव...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 07 Nov 2025 10:12:01 AM (IST)Updated Date: Fri, 07 Nov 2025 10:38:15 AM (IST)
MP के सतना और मैहर में गैस सिलेंडर की किल्लत, 5 लाख घरों के चूल्हे ठंडे पड़ने की कगार पर
अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो संपूर्ण जिले में रसोई पूरी तरह ठप पड़ सकती है। - फाइल फोटो

HighLights

  1. एक हजार से अधिक उपभोक्ताओं की बुकिंग वेटिंग लिस्ट में फंसी पड़ी है।
  2. सामान्य दिनों में जहां रोजाना हजारों सिलेंडर की डिलीवरी होती थी।
  3. कमी के कारण एजेंसियों तक केवल 40–50 प्रतिशत सिलेंडर ही पहुंच रहे हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। सतना और मैहर समेत दोनों जिलों में रसोई गैस का संकट गहराता जा रहा है। बीते एक महीने से आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल की गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण करीब साढ़े पांच लाख उपभोक्ताओं के घरों में चूल्हे ठंडे पड़ने की नौबत आ गई है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई एजेंसियों में सिलेंडरों का स्टॉक पूरी तरह खत्म होने के कगार पर है।

आधा ही मिल रही सप्लाई, हजारों बुकिंग अटकी

तेल कंपनियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, रिफिलिंग प्लांटों में गैस की कमी के कारण एजेंसियों तक केवल 40–50 प्रतिशत सिलेंडर ही पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों में जहां रोजाना हजारों सिलेंडर की डिलीवरी होती थी, वहीं अब सप्लाई 20 प्रतिशत तक सिमट गई है। बीते चार दिनों में एक हजार से अधिक उपभोक्ताओं की बुकिंग वेटिंग लिस्ट में फंसी पड़ी है।


विवाह सीजन और बिगड़ेंगे हालात

सतना जिले में इस समय त्योहारी और विवाह सीजन शुरू हो चुका है, जिससे गैस की मांग और बढ़ रही है। सबसे अधिक असर सतना शहर, मैहर और चित्रकूट में देखा जा रहा है, जहां हजारों परिवारों, होटलों और भोजनालयों को गैस की किल्लत झेलनी पड़ रही है। चित्रकूट के धर्मस्थलों में भी यात्रियों के भोजन प्रबंधन पर असर पड़ने लगा है।

कंपनियों और प्रशासन की बेरुखी

उपभोक्ताओं का कहना है कि न तो तेल कंपनियों ने आपूर्ति बहाल करने की पहल की, और न ही प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो संपूर्ण जिले में रसोई पूरी तरह ठप पड़ सकती है।

जनता में बढ़ी नाराजगी

उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार जहां 'हर घर रसोई गैस' का दावा कर रही है, वहीं मैहर और सतना में सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। “तेल कंपनियों और प्रशासन की लापरवाही ने लाखों परिवारों को परेशानी में डाल दिया है। हालात अब नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं।'