
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। जिले के नागौद में बिजली अधिकारी के घर की बत्ती गुल होने का खामियाजा पूरे कस्बे को भुगतना पड़ा। आरोप हैं कि सालगिरह समारोह के दौरान कनिष्ठ अभियंता (जेई) के घर की बिजली बंद हुई तो उन्होंने पूरे नागौद शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली बंद करा दी। दरअसल, 20 जून की आधी रात नागौद के खेरवाटोला में स्थित ट्रांसमिशन कंपनी के कनिष्ठ अभियंता जेके सिंह के घर सालगिरह का जश्न चल रहा था। तभी उनके घर की बिजली गुल हो गई। आरोप हैं कि इसके बाद उन्होंने छह फीडर बंद करा दिए। इस मामले का पता तब चला, जब सहायक अभियंता ने वरिष्ठ अधिकारियों को जांच के लिए पत्र लिखा।
अस्पताल समेत हजारों घर अंधेरे में डूबे
रात 12:05 बजे उपकेंद्र स्तर पर सूचना दी गई कि जेई के घर बिजली नहीं है और संभवतः टाउन फीडर में खराबी है। कर्मचारियों को तत्काल मौके पर भेजा गया। जांच में सामने आया कि टाउन फीडर पूरी तरह चालू था और समस्या केवल संबंधित घर तक सीमित थी। इसके बावजूद रात 12:15 बजे नागौद का 33 केवी फीडर बंद करा दिया गया। 22 मिनट तक शहर अंधेरे में डूबा रहा। इस दौरान नागौद शहर के दो और ग्रामीण क्षेत्र के चार फीडरों की बिजली ठप हो गई। सिविल अस्पताल, थाना, शासकीय कार्यालय और हजारों घर अंधेरे में डूब गए।
मामले ने तब तूल पकड़ा, जब वितरण कंपनी के सहायक अभियंता केके गुप्ता ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पत्र में स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया गया है कि एक घरेलू समस्या के कारण पूरे फीडर को बंद कराना नियमों के विरुद्ध है। संबंधित ऑपरेटर ने भी पूछताछ में वरिष्ठ अधिकारी के दबाव की बात कही है। मामले की सूचना ट्रांसमिशन एवं वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी तक पहुंचाई गई है।
इनका कहना
20 जून की रात नागौद शहर की बिजली 22 मिनट के लिए बंद की गई थी। इसकी जानकारी मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को विभागीय जांच के लिए लिखा गया है।
- केके गुप्ता, सहायक अभियंता, ओएंडएम नागौद