सीधी नईदुनिया प्रतिनिधि। ईओडब्ल्यू टीम रीवा ने सीधी जिले के रामपुर नैकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को बीस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। डॉक्टर ने पीएम रिपोर्ट बनाने के एवज में रिश्वत की मांग किया था। इस कार्रवाई के बाद से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

बता दें कि राजेश यादव पुत्र रमेश यादव ने ईओडब्ल्यू रीवा में शिकायत किया था कि उसके भाई सुरेश यादव की 18 अगस्त को पानी में डूबने से मौत हो गई थी। जिसका पीएम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर नैकिन में डॉ प्रशांत तिवारी बीएमओ द्वारा किया गया था लेकिन उसका पीएम रिपोर्ट नहीं बनाया जा रहा था जिसके कारण सरकार से मिलने वाली चार लाख की सहायता राशि नहीं मिल पा रही है। फरियादी राजेश यादव डाक्टर से मिलकर पीएम रिपोर्ट बनाने की कई बार आरजू मिन्नत किया तब भी बीएमओ का मन नहीं पसीजा और वह रिपोर्ट बनाने के एवज में पचास हजार रुपये रिश्वत की मांग करने लगे। जिसकी पहली किस्त बुधवार को डॉक्टर आवास में 20 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया।

डॉक्टर ने कहा नौकर को दे दो पैसा :

डॉक्टर अपने को सुरक्षित रखने के लिए नौकर से रिश्वत की लेन-देन कराता रहा। बुधवार को जैसे ही राजेश यादव पैसा लेकर पहुंचा तो उसने घर में खाना बनाने वाले प्रमोद कुशवाहा को रिश्वत देने को कहा, जैसे ही प्रमोद ने रिश्वत की राशि ली, उसी दौरान ईओडब्ल्यू ने रंगे हाथ दोनों को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

इनकी रही भूमिका :

रीवा ईओडब्ल्यू टीम में निरीक्षक अरविंद दुबे, निरीक्षक मोहित सक्सेना, निरीक्षक प्रवीन चतुर्वेदी, उपनिरीक्षक सीएल रावत, उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा, उपनिरीक्षक अभिषेक पांडे, उपनिरीक्षक गरिमा त्रिपाठी, एएसआई (एम) संतोष पांडे,

प्रधान आरक्षक सत्यनारायण मिश्रा, प्रधान आरक्षक पुष्पेंद्र पटेल,आरक्षक घनश्याम त्रिपाठी, आरक्षक धनंजय अग्निहोत्री, महिला आरक्षक पूर्णिमा सिंह, प्रधान आरक्षक चालक ओंकार शुक्ला, आरक्षक चालक संतोष मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही।

Posted By: Nai Dunia News Network

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