
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। शहडोल और उमरिया जिलों के वन क्षेत्रों से भटककर जंगली हाथियों का विचरण अब मैहर जिले तक पहुंच गया है। रविवार की देर रात हाथियों का झुंड रामनगर विकासखण्ड के कंदवारी गांव में पहुंचा, जिन्हें देखकर ग्रामीण दहशत में आ गए और तत्काल वन विभाग को सूचना देते हुए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर खुद को सुरक्षित किया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब तक एक नर और एक मादा हाथी की पुष्टि हुई है। इनका मूवमेंट रामनगर तहसील के भैंसरा, मनकेश्वर और सरिया गांवों के आसपास लगातार दर्ज किया जा रहा है। हाथियों की आवाजाही की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर तैनात कर दी गई है और क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है। एक हाथी पर लगाए गए जीपीएस (GPS) ट्रैकर के माध्यम से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि संभावित खतरे की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रवेश करते ही सब-स्टेशनों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और मुनादी के जरिए सतर्क रहने की सूचना दी गई। हाथियों की सुरक्षा तथा मानव-हाथी संघर्ष की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। बीते वर्ष भी इसी प्रकार हाथियों के झुंड से हाथी का एक बच्चा करंट की चपेट में आने से मौत को गले लगा लिया था। लिहाजा इस बार बतौर एहतियातन क्षेत्र के कई बिजली सब-स्टेशनों की आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है, ताकि हाथियों को करंट लगने जैसी दुर्घटनाओं से बचाया जा सके। इसके साथ ही ग्रामीणों को मुनादी और अन्य माध्यमों से सतर्क रहने की सूचना दी जा रही है कि वे सुरक्षित व सतर्क रहें और घर से बिना आवश्यक कार्य के बाहर न निकलें।
रामनगर विकासखण्ड में हाथियों ने गांव में प्रवेश करते हुए आतंक मचा दिया। हाथियों ने सबसे पहले एक मकान की बाउंड्री तोड़ दी, जिसके बाद हाथियों का झुंड गांव के आसपास के खेतों में खड़ी फसलों को रौंदकर नुकसान पहुंचाया। इसके चलते किसानों की काफी फसल को क्षति पहुंची। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि उसके बाद हाथियों का विचरण गांव की ओर से जंगल की ओर हो गया, लेकिन उनके कभी भी गांव की ओर आने की आशंका बनी हुई है।
वन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और हाथियों को सुरक्षित रूप से वन क्षेत्र की ओर लौटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों के सहयोग से ही किसी बड़ी घटना को टाला जा सकता है, इसलिए सभी लोग सतर्कता बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।- प्रफुल्ल त्रिपाठी, रेंजर अमरपाटन