आष्टा। शिकवों-शिकायतों और दंडित कि ए जाने से परेशान हुए पटवारियों ने जन सामान्य को जागरुक करने का अभियान शुरु कि या है। इसके तहत लोगों को बताया जा रहा है कि उन्हें नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा आदि के अधिकार ही नहीं है फिर भी शिकायत उन्हीं की होती है। कभी जन प्रतिनिधि और कभी संगठित दबाव के चलते उन्हें निलंबित कर दिया जाता है। पटवारी संघ अध्यक्ष योगेंद्र तिवारी ने बताया कि आम तौर पर यही शिकायतें होती हैं कि पटवारी द्वारा भूमि का नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा नहीं कि या गया है या कि सान को भू-अधिकार पुस्तिका नहीं दी है। इस प्रकार शिकायतों पर जन प्रतिनिधि और अधिकारी आनन-फानन में कार्रवाई कर देते हैं। जबकि भू-राजस्व संहिता संशोधन अधिनियम 2018 के अनुसार कि सी भी प्रकार का नामांतरण, बंटवारा संबंधी कार्य पटवारी का नहीं बल्कि तहसील न्यायालय का है। इसी प्रकार सीमांकन के संदर्भ में न्यायालय मध्यप्रदेश राजस्व मंडल ग्वालियर द्वारा एक मामले में स्पष्ट कर दिया गया है कि सीमांकन कार्य पटवारी द्वारा न कि या जाकर राजस्व निरीक्षक द्वारा कि या जाता है। यदि पटवारी ऐसा करता है तो यह उल्लंघन है। भू-अधिकार पुस्तिका तहसीलदार द्वारा प्रदाय की जाती है न कि पटवारी द्वारा। जब अधिकार ही नहीं है तब दोषारोपण कर दंडित कि या जाना उचित नहीं है। पटवारी संघ पदाधिकारियों ने कहा कि हम इस संबंध में जन जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।
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पीओएस मशीन पर फिंगर प्रिंट नहीं आने से ग्रामीणों को राशन मिलने में हो रही दिक्कत
नई मशीन भी सही काम नहीं कर रही, अब उपभोक्ता कि सी भी दुकान से सामान ले सकता है
फोटो 21 आष्टा। पीओएस मशीन का।
आष्टा। शासकीय उचित मूल्य की दुकान से प्रतिमाह गरीबी व गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले बीपीएल कार्डधारियों को प्रतिमाह गेहूं, चावल, नमक सरकार एक रुपए कि लो में देती हैं। लेकि न इस माह से नगर में प्रत्येक कंट्रोल की दुकान पर नई पीओएस मशीन लगा दी गई है। मशीन पर फिंगर लगाने के बाद भी उपभोक्ताओं को खाद्य सामग्री दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पीओएस मशीन पर फिंगर नहीं प्रिंट नहीं आ रहे हैं, इस कारण से लोगों को खाद्य सामग्री देने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ शासन ने एक आदेश जारी कर उपभोक्ताओं के हित में यह निर्णय कर दिया है कि वह कि सी भी दुकान से और कि सी भी जगह से अपनी सामग्री ले सकता है।उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन ने बताया की प्रतिमाह 1600 व्यक्तियों को खाद्य सामग्री दी जाती है, लेकि न इस माह मशीन में फिंगर प्रिंट नहीं आने के कारण बीपीएल कार्डधारी चक्कर काट रहे हैं, पहले रोजाना ढाई सौ से तीन सौ व्यक्तियों को खाद्य सामग्री दी जाती थी, अब मुश्किल से 60-70 लोगों को ही दी जा रही है। बीपीएल कार्डधारी रामसिंह ने बताया कि मैं दो दिन से कंट्रोल के चक्कर लगा रहा हूं। मेरे व बच्चे के फिंगर प्रिंट ही मशीन में नहीं आ रहे हैं। अब दीपावली का त्यौहार में चंद दिन शेष हैं और सेल्समेन बिना फिंगरप्रिंट के सामग्री नहीं दे रहा है। इसी तरह रामनारायण ने बताया कि मैं सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कंट्रोल की दुकान पर खड़ा रहा चार बार फिंगर लगाई, लेकि न मशीन में नहीं आ पाई। हरिनारायण, धन्नलाल, घीसूलाल ने प्रशासन से मांग की है कि दीपावली के त्यौहार पर हम सबको सामग्री दिलाने की व्यवस्था की जाए। इस संबंध में आपूर्ति अधिकारी राजेश तिवारी ने बताया कि शासन के आदेश अनुसार प्रत्येक कंट्रोल पर मशीन लगाई गई है, अगर फिंगर प्रिंट नहीं आ रहे हैं तो वरिष्ठ कार्यालय से बात कर उचित व्यवस्था की जाएगी।
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आज होगा महाराजा भर्तरी का मंचन
अकोदिया। रानी बड़ोद में चल रहे अंबिका नाट्य कला मंडल के द्वारा लगातार 165 वर्ष अंबिका बाजार में रंगारंग कार्यक्रम जिसमें बुधवार को महान धार्मिक नाटक वीर अभिमन्यु का मंचन कि या गया। जिसमें महाभारत के तहत आने वाले इस अंक का लोगों ने खूब आनंद लिया व कौरवों के द्वारा अर्जुन व श्रीकृष्ण की अनुपस्थिति में चक्रव्यू का निर्माण कि या गया। जिसको भेदने के लिए अभिमन्यु ने प्रयास कि या। अभिमन्यु ने चक्रव्यूह भेदन तो कर दिया, लेकि न वहां चक्रव्यू से बाहर नहीं निकल सका व कोरव सहित जयद्रथ ने निशस्त्र अभिमन्यु पर वार कि या। जयद्रथ ने अभिमन्यु को शहीद कर दिया। जिसकी सूचना भगवान श्री कृष्ण का अर्जुन को जैसे ही मिली तब अर्जुन ने प्रतिज्ञा ली की कल के सूर्यास्त के पहले जयद्रथ को मार गिरा लूंगा और अर्जुन ने श्री कृष्ण के आदेशानुसार जयद्रथ को मार गिराया। वहीं गुरुवार को अंबिका नाट्य कला मंडल के द्वारा महान धार्मिक नाटक भयंकर भूल का मंचन कि या गया। इसमें एक राजा इंद्र के गंधर्व चित्रसेन और चित्रानी आकाश मे मार्ग पर खाते घूम रहे थे। चित्रसेन उस समय पान खा रहे थे। तभी चित्रसेन ने पान थूका वह पान पृथ्वी पर तपस्या कर रहे गालब ऋषि के ऊपर जा गिरा। जिस कारण गालव ऋषि को गुस्सा आया वो नाराज हुए और भगवान श्री कृष्ण के पास गए। तब भगवान श्रीकृष्ण ने चित्रसेन को मृत्युदंड देने का निर्णय लिया। भगवान श्री कृष्ण के इस निर्णय के कारण चित्रसेन को बचाने के लिए अर्जुन सामने आए और अर्जुन और भगवान श्री कृष्ण का युद्ध हुऔ जिसका उपस्थित लोगों ने आनंद लिया और नाट्य कला मंडल के द्वारा कई हास्यप्रद नाटक प्रस्तुत कि ए गएै जिनका भी लोगों ने बहुत आनंद लिया। इसी के साथ ही कलाकारों ने कई रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कि ए जिसका लोगों ने खूब आनंद लिया दिनों-दिन अंबिका बाजार में श्रद्धालुओं की भीड़ काफी बढ़ती जा रही है दूर-दूर से लोग आ रहे हैं। अंबिका बाजार में नाट्य कला मंडल के कलाकारों के द्वारा आज महान धार्मिक नाटक महाराजा भर्तरी का मंचन कि या जाएगा।