आष्टा। शहीद भगतसिंह शासकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय युवा दिवस कोविड 19 का पालन करते हुए सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर राजनीति विभाग शिक्षिका डॉ बेला सुराणा ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि आज देश में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद जी के जयंती को प्रत्येक वर्ष युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में इनका जन्म हुआ था। विवेकानंद का बचपन का नाम नरेंद्र नाथ था। विश्व धर्म सम्मेलन में शामिल होने के पहले खेतड़ी के नरेश ने इनको विवेकानंद नाम से संबोधित किया था।उन्होंने विवेकानंद जी के शिकागों वृतांत को भी बताया। महाविद्यालय टीपीओ डॉ दीपेश पाठक ने बताया कि स्वामी विवेकानंद युवा सन्यासी, शिक्षा शास्त्रीए देशभक्त तथा समाज सुधारक थे। साथ ही भारतीय संस्कृतिए आध्यात्मिक मूल्यों एवं सनातन परंपरा से विश्व को आलोकित करने वाले महान संत व दार्शनिक, युग पुरुष स्वामी विवेकानंदजी का जीवन एवं दर्शन दुनिया के लिए प्रकाश पुंज की तरह है। वे मानते थे कि वास्तविक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य आत्मविश्वास, आत्मज्ञान, आत्म नियंत्रण, आत्मनिर्भरता, आत्मज्ञान जैसे सद्गुणों का विकास और देशभक्ति का भाव जागृत करना होना चाहिए। स्वामी विवेकानंद के विचार केवल भारतीय समाज ही नहीं बल्कि समूची दुनिया के लिए मार्गदर्शक हैं, वे अपने विचारों में मानवता और अध्यात्म के जिन रूपों की व्याख्या करते हैं वह अतुलनीय हैं।

पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन

इस अवसर पर विवेकानंद जी का पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें महाविद्यालय छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अंशिका पांचाल बीएससी प्रथम वर्ष द्वितीय स्थान जया मेवाड़ा बीएससी प्रथम वर्ष तृतीय स्थान बुशरा अहमद बीएससी द्वितीय वर्ष ने प्राप्त किया कार्यक्रम में महाविद्यालय शिक्षक व छात्र-छात्राएं कोविड 19 का पालन करते हुए उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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