
आष्टा(निप्र)। आस्था की नगरी आष्टा में मंगलवार को पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव का शुभारंभ हो गया। गजरथ महोत्सव का शुभारंभ आचार्य विशुद्ध सागर महाराज व उनके ससंघ की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर एक घट यात्रा भी निकाली गई। गजराज,बैंड-बाजे के साथ निकाली गई घट यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आयोजन स्थल पर पहुंची। यहां आयोजन के लिए तैयार अयोध्या नगरी का उद्घाटन किया गया। पूजा अर्चना ,इंद्र प्रतिष्ठा के बाद ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के साथ अन्य समाजों के लोग उपस्थित रहे।
घट यात्रा मुनिश्री प्रमेय सागर महाराज के सानिध्य में चंद्रप्रभु मंदिर अलीपुर से शुरू हुई। रथ यात्रा में अश्व सवारों के हाथ में धर्म ध्वजा रही। तीन गजराजों पर इन्द्र बने राजेश कुमार मधु जैन, भगवान के माता-पिता बने सवाईमल सीता देवी जैन, महायज्ञ नायक धर्मेन्द कुमार इन्दु जैन, सनत कुमार इन्द्र सुमत कुमार रंजना जैन एवं कुबेर इन्द्र संतोष कुमार श्वेता जैन बनी।
आज के कार्यक्रमः- श्री मज्जिनेन्द्र 1008 भगवान आदिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार 3 दिसम्बर को प्रातः 6ः30 बजे से जाप्य, अभिषेक, नित्य नियम पूजन, घट यात्रा एवं बेदी शुद्धि, दोप. 12ः30 बजे मंदिर में वास्तुविधान, चतुर्दिक्ष हवन, 4 बजे आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज के आशीष वचन, सायं 6 बजे गुरू भक्ति एवं आरती, सायं 7 बजे श्रीजी की आरती, शास्त्र सभा, सौधर्म इन्द्र की सभा, तत्व चर्चा होगी।