आष्टा। विश्वकर्मा वंशीय क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत तरुण मुरारी बापू की 7 दिवसीय श्रीराम कथा आष्टा क्षेत्र के खाचरोद में चल रही है। इसी आयोजन के बीच विश्वकर्मा युवा संगठन समिति आष्टा एवं विश्वकर्मा आदर्श मानस मंडल आष्टा ने मुरारी बापू को श्री विश्वकर्मा राधाकृष्ण मंदिर आष्टा में आमंत्रित कि या और यहां युवा संगठन ने ढोल-ढमाको के साथ बाइक रैली और जय श्री राम व जय श्री विश्वकर्मा के जय कारे लगाते हुएं श्री बापू जी की अगुवाई कर स्वागत कि या।
इस मौके पर श्री विश्वकर्मा समाज समिति के वरिष्ठ सदस्य, युवा संगठन के पदाधिकारी व सदस्य सहित देवास व सीहोर जिले के विश्वकर्मा बंधुओं ने मुरारी बापू का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर कि या। यहां मुरारी बापू ने सत्संग करते हुए विश्वकर्मा वंश की गौरव गाथा सुनाई, जिसे सुनकर वहां मौजदू सभी लोगों को अपने वंश की गौरवगाथा का ज्ञान हुआ और सभी गौरवान्वित हुए। बापू ने सत्संग के दौरान यह भी कहा कि हमेशा अपनी जाति का सम्मान और गर्व करो। उन्होंने समाज को एकजुट व संगठित रहने की बात कही। बापू ने यह भी कहा कि कर्म ऐसा करो जिससे आपका, आपके परिवार का, आपके समाज का भला हो। नाम अथवा उपनाम परिवर्तन करने से आप अपनी वास्तविक पहचान खोते जा रहे हैं, जिसके दूरगामी चिंताजनक परिणाम सामने आएंगे। इसलिए सभी संगठित होकर समाजहित में निरंतर काम करते रहें। क्योंकि हम विश्वकर्मा हैं। इससे पूर्व श्री विश्वकर्मा राधाकृष्ण मंदिर में भगवान श्री कृष्ण एवं भगवान श्री विश्वकर्मा जी की आरती भी हुई और अंत में प्रसाद वितरण कर के बापूजी को स्मृति स्वरुप भगवान विश्वकर्मा का चित्र भेंट कि या गया। कार्यक्रम का नेतृत्व व संचालत विनोद विश्वकर्मा ने कि या।